दसवीं अंग्रेजी के पेपर में परीक्षा केंद्र के अंदर घुसकर छात्रा के प्रश्नपत्र की फोटो उतारकर व्हाट्स एप पर वायरल करने वाले शख्स की पहचान हो गई है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने आरोपी जेबीटी शिक्षक संजय को शुक्रवार शाम गांव से काबू कर लिया। इस संबंध में सेंटर सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर झोझूकलां थाने में वीरवार को 188 आईपीसी और 72 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शुक्रवार को परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालकर अपने स्तर पर आरोपी का पता किया। शनिवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि वीरवार को आयोजित दसवीं अंग्रेजी का पेपर व्हाट्स एप पर वायरल हो गया था। जो प्रश्नपत्र वायरल हुआ था उस पर रोल नंबर लिखा हुआ था। जिला प्रशासन ने इस आधार पर शिक्षा बोर्ड से संपर्क कर परीक्षा केंद्र का पता लगा लिया। इसके बाद एसडीएम संदीप अग्रवाल के अलावा बोर्ड फ्लाइंग भी जांच के लिए चिड़िया गांव स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंची थी। मौके पर पहुंचे झोझूकलां थाना प्रभारी अनुप सिंह ने परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी की फुटेज को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया था। वीरवार रात ही सेंटर सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
अमर उजाला ने पेपर वायरल होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शुक्रवार दोपहर मुुख्यमंत्री उड़नदस्ता इंस्पेक्टर संदीप की अगुवाई में दादरी पहुंचा और गुप्तचर विभाग की टीम के साथ मिलकर फुटेज खंगाली। फुटेज में कैद शख्स की पहचान मकड़ाना निवासी संजय के रूप में हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने उसे काबू कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जेबीटी शिक्षक है और उसकी मौजूदा पोस्टिंग सिवानी ब्लॉक में है। वीरवार की छुट्टी होने के चलते वह घर आया हुआ था। आरोपी ने बताया कि उसने पंद्रह साल पहले बतौर जेबीटी शिक्षक ज्वाइन किया था। संजय ने पेपर किन कारणों से वायरल किया इसका अभी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और पुलिस ने शुक्रवार शाम तक खुलासा नहीं किया है।