चरखी दादरी। जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स पर पाइप लाइन की कमी के चलते काम रुका हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में डिमांड और रिमाइंडर भेज चुका है, लेकिन इसके बावजूद पिछले 11 माह से पाइप मिलने का इंतजार है। पाइपों की कमी से सीधे तौर पर काम प्रभावित है जबकि विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि स्टॉक में पाइप आते ही सभी प्रोजेक्ट्स पर तत्परता से काम शुरू करवा दिया जाएगा।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में करीब 300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स विभाग शुरू करवा चुका है। इनमें बाढड़ा उपमंडल के करीब 40 गांवों से जुड़ी 100 करोड़ की पेयजल परियोजना भी शामिल है। इसके अलावा लगभग हर गांव में पेयजल लाइन डाली जानी है। वहीं, शहर में भी इस योजना के तहत विभाग काम शुरू करवा चुका है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से विभाग के पास पेयजल लाइन डालने के लिए पाइप नहीं पहुंचे हैं और इसके चलते विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम रुका हुआ है।
जिला में जल जीवन मिशन योजना के तहत एक लाख 76 हजार मीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछनी है। जन स्वास्थ्य विभाग इसके तहत विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करवा चुका है। पाइप लाइन की कमी के चलते इन प्रोजेक्ट्स पर काम अधर में लटका हुआ है और इसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।
जिला में पेयजल आपूर्ति में चार दशक से सुधार नहीं हो पाया है और इस वजह से पेयजल का संकट बना रहता है। कई गांवों में बने जलघरों में नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा है तो कहीं पाइप लाइनों की कमी की वजह से पानी की आपूर्ति संभव नहीं है। पेयजल कनेक्शनों की संख्या भी सीमित है। जिला में इस समय 58 जलघर हैं जो चार दशक पहले के बने हुए हैं। इन चार दशकों में जिले की आबादी भी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के लिहाज से पानी की खपत भी बढ़ी है लेकिन आपूर्ति में सुधार नहीं हो सका है।
चार दशक बाद हो रहा पेयजल सुधारीकरण पर काम
जन स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय के बाद पेयजल सुधारीकरण की योजना पर काम शुरू किया है। अहम बात यह है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत लगभग हर गांव में काम किया जा रहा है। गांवों में नई लाइनें डालने के साथ विभाग अवैध पेयजल कनेक्शनों को भी वैध कर रहा है और इसके लिए भी पाइपों की दरकार है।
प्रत्येक गांव में बदली जानी है दो किमी लंबी पाइप लाइन
जिले के ज्यादातर गांवों में पुरानी पेयजल लाइनें हैं जो कंडम हो चुकी हैं। इन पुरानी लाइनों को भी इसी योजना के तहत बदला जाना है। लाइनें जर्जर होने से गांवों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है और ग्रामीण अपने स्तर पर ही पानी का प्रबंध करने को विवश हैं। प्रत्येक गांव में करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की लंबाई में पाइप लाइन बदली जानी हैं।
हब जलघर समेत 35 बूस्टर का होना है निर्माण
जल जीवन मिशन योजना के तहत बाढड़ा उपमंडल के निमड बड़ेसरा गांव में एक हब जलघर बनाया जाना है। इसके अलावा 35 बूस्टर का निर्माण कराना भी इसी योजना का हिस्सा है। इन बूस्टरों तक हब जलघर से पानी पहुंचाया जाएगा और इसके लिए अब पाइप लाइन की दरकार है। निमड बड़ेसरा के अलावा करीब दस करोड़ की लागत से जलघरों की मरम्मत भी होनी है।
पाइप पहुंचते ही हम सभी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करवा देंगे। जल जीवन मिशन के तहत पुरानी लाइनें बदली जानी हैं जबकि हब जलघर समेत 35 बूस्टर भी बनने हैं। जल्द ही पाइप पहुंचने की उम्मीद है।
जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग