रतिया। जैन स्थानक में महासाध्वी सुचारू महाराज एवं सुनीति महाराज का 35वां और जन्मदिन दीक्षा जयंती समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। इस समारोह में रतिया समेत आसपास के शहरों और दिल्ली से भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सुवर्ती महाराज ने महासाध्वी सुचारू महाराज एवं सुनीति महाराज का जीवन परिचय बताया।
उन्होंने बताया कि नरवाना की पावन भूमि पर 35 वर्ष पूर्व महासाध्वियों की दीक्षा हुई थी। तब से वह हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली आदि क्षेत्रों में जैन धर्म की पताका फहरा रहीं हैं। उनके चातुर्मास पूरे उत्तर भारत में आयोजित किए गए हैं। इस दौरान उन्होंने हजारों लोगों को जैन धर्म से जोड़ा।
कार्यक्रम के दौरान रतिया समाज के प्रधान संजू जिंदल ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। टोहाना से आए श्रद्धालुओं ने भी विचार रखे। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में महासाध्वी श्रीसुचारू महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को मंगल पाठ सुनाया।
चंडीमाता मंदिर में किया श्री शतचंडी महायज्ञ और रुद्र याेग
फतेहाबाद। अशोकनगर स्थित श्री चंडीमाता मंदिर और ट्रस्ट की ओर से विश्व शांति के लिए श्री शतचंडी महायज्ञ एवं रुद्र याेग किया जा रहा है। इसके तहत मंदिर की गद्दीनशीन माता सत्यम देवा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने रविवार को हवन, यज्ञ किया। इस कार्यक्रम में सोमवार को सांपला रोहतक से सिद्धयोगी स्वामी कालीदास महाराज, रोहतक से महामंडलेश्वर स्वामी कर्ण परी महाराज और कलानौर से बाबा ईश्वर महाराज भी पहुंचेंगे।
सिद्ध योगी स्वामी कालीदास महाराज ने करीब 40 साल पहले वर्ष 1984 से भोजन नहीं किया गया है। सांपला स्थित शिवा शक्ति कालीदास धाम में कई साल से अखंड यज्ञ किया जा रहा है। वह सिर्फ सूर्योदय और सूर्यास्त से नारियल का पानी ही पीते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी समेत कई राष्ट्रीय नेता उनके आश्रम में आ चुके हैं।
चंडीमाता मंदिर में अनुष्ठान के लिए यज्ञाचार्य भीष्म भारद्वाज और हरिद्वार से उपाचार्य पंडित भास्कर उपाध्याय समेत कई पुजारी आए हैं। कार्यक्रम स्थल पर रविवार को पहुंचे सैकड़ों लोगों ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। इस कार्यक्रम के तहत 14 दिसंबर तक रोज सुबह आठ से 12 बजे तक और शाम को तीन बजे से छह बजे तक हवन होगा। 14 दिसंबर को सुबह हवन, यज्ञ की पूर्णाहूति डाली जाएगी। रात को जागरण होगा। 15 दिसंबर को मूर्ति विसर्जन किया जाएगा।