गांव गोपी में सरकारी राशन डिपो खोलने के लिए पंचायत के कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज पारित प्रस्ताव में अनियमितता पाई गई है। इसका खुलासा एक शिकायत की जांच में हुआ। बीडीपीओ ने सरपंच के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए उपायुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी है। बाढड़ा बीडीपीओ ने अमर उजाला से बातचीत में इसकी पुष्टि की।
गांव गोपी निवासी अशोक कुमार ने राशन डिपो के लिए पंचायत द्वारा पारित किए गए प्रस्ताव में अनियमितता बरते जाने की शिकायत सीएम विंडो पर दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर जिला उपायुक्त को मामले की जांच करवाने को कहा गया। उपायुक्त ने पंचायत विभाग के बीडीपीओ को इसकी जांच के लिए अधिकृत किया। जांच के दौरान बीडीपीओ ने शिकायकर्ता, सरपंच व संबंधित पंचों के बयान दर्ज किए। पंचों ने बीडीपीओ के समक्ष दर्ज करवाए बयानों में कहा कि उन्होंने राशन डिपो से जुड़े किसी पंचायत प्रस्ताव में हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
बीडीपीओ युद्धवीर सिंह ने उपायुक्त को सौंपी जांच रिपोर्ट में बताया कि राशन डिपो के लिए परित किए गए प्रस्ताव में अनियमितता बरती गई है। जांच रिपोर्ट में बीडीपीओ ने उल्लेख किया है कि सरपंच ने राशन डिपो के लिए प्रस्ताव अपने घर में बैठकर गलत तरीके से तैयार किया गया है और इस पर पंचायत ने हस्ताक्षर ही नहीं कर रखे हैं।
प्रस्ताव के नीचे खाली बची जगह का उठाया फायदा
बीडीपीओ की जांच में सामने आया कि सरपंच ने अपने निजी स्वार्थ के लिए पंचायत की कार्यवाही पुस्तिका में एक अन्य प्रस्ताव के नीचे खाली जगह का फायदा उठाकर गलत तरीके से राशन डिपो का प्रस्ताव पारित कर दिया। बीडीपीओ ने इस मामले की जांच रिपोर्ट जिला मुख्यालय को अगली कार्रवाई के लिए भेज दी है और सरपंच के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
वर्जन
राशन डिपो से संबंधित प्रस्ताव पूर्णतया सही है और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है। पंचों की सहमति और हस्ताक्षर भी प्रस्ताव पर हैं।
सत्यवान, सरपंच सुमन के पिता