चरखी दादरी। एक्सईएन साहब, न एजेंसी सही से काम कर रही है और न ही नगर परिषद की मैन पावर का सही से इस्तेमाल हो रहा है। जिन कर्मचारियों को वार्ड और शहर चमकाना चाहिए वो अफसरों की कोठियां चमकाने के लिए भेजे जा रहे हैं। बुधवार को ये आरोप नगर परिषद उप-प्रधान समेत 14 पार्षदों ने लगाया।
एक्सईएन प्रवीन राघव के साथ बैठक करने पहुंचे पार्षदों ने सफाई व्यवस्था पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने एक सुर में कहा कि जब से नई व्यवस्था लागू हुई है, तब से सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। एजेंसी के कर्मचारी वार्ड से मिट्टी उठा रहे है और न घास। डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा भी लड़खड़ाई हुई है।
पार्षदों का आरोप है कि एजेंसी को 2350 रुपये प्रति टन की दर से कचरा उठान का ठेका दिया गया है। जहां कचरे का वजन होता है वहां गड़बड़ी का पूरा अंदेशा है। यहां तक की एजेंसी के पास पूरे संसाधन तक नहीं हैं। इसके अलावा पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद के 40 से अधिक कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर भेजे जा रहे हैं जबकि उनकी जरूरत वार्डाें में ज्यादा है। अफसरशाही को खुश करने के लिए लंबे समय से मैन पावर का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की ड्यूटी अफसरों की कोठियों के बजाय वार्डाें में लगाई जाए। वहीं, नगर परिषद में 15 कर्मचारी ऐसे हैं जो कोई काम नहीं करते, उन्हें भी झाडू देकर फील्ड में उतारा जाए।
इसके अलावा पार्षदों ने कहा कि जो अधिकारी चेयरमैन का घपलेबाजी में साथ नहीं देता, उसकी बदली करवाने के लिए वे चंडीगढ़ जाकर पत्र दे आते हैं।
फोन पर एसआई ने भी माना, दरोगा तोड़ता है सफाई कर्मचारी
पार्षदों ने चेयरमैन पर उनके वार्डाें से सफाई कर्मचारी तोड़ने का आरोप लगाया। इसके बाद एक्सईएन प्रवीन राघव ने सफाई निरीक्षक विकास कुमार से फोन पर बात की। एसआई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैंने किसी वार्ड से कर्मचारी हटाने के लिए सफाई दरोगा को नहीं बोला। पता नहीं सफाई दरोगा किसके कहने से कर्मचारी हटाकर दूसरी जगह भेजता है।
ये भी लगाए चेयरमैन पर आरोप
. सफाई व्यवस्था में वार्डाें के साथ भेदभाव हो रहा है।
. चहेते कर्मचारियों से नियमानुसार काम नहीं लिया जा रहा।
. मंगल पार्क में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी न हो।
. ईमानदार अधिकारियों के तबादले रुकवाए जाए।
. वार्डाें की नालियों से गाद का नियमित उठान हो।
. वार्डाें में गलियां ऊंची उठाने वालों पर कार्रवाई हो।
पार्षदों की सफाई संबंधी कुछ समस्याएं थीं। वीरवार को सफाई शाखा के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक करवाकर समस्याओं के निदान का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों की कोठियों पर कितने कर्मचारी जाते हैं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
प्रवीन राघव, एक्सईएन, नगर परिषद
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आरोप लगाने वाले पार्षदों को ये पता होना चाहिए कि अफसरों के तबादले मेरे अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है। राजनैतिक द्वेष के चलते अनर्गल आरोप लगाए जा रहे है। प्रत्येक वार्ड में पांच सफाई कर्मचारी लगाए हुए है।
बक्शीराम सैनी, प्रधान, नगर परिषद