चरखी दादरी। आने वाले गर्मी के मौसम में पेयजल की बढ़ती किल्लत को देखते हुए विभाग अभी से सतर्क हो गया है। विभाग ने इसके लिए सभी बिंदुओं पर काम करना शुरू कर दिया है। इस समय शहर में पानी की खपत 98 लाख लीटर प्रतिदिन है। अप्रैल अंतिम सप्ताह में पानी की खपत बढ़कर करीब 1.45 करोड़ लीटर प्रतिदिन पहुंच जाएगी। विभाग इस खपत की पूर्ति करने के लिए कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। विभाग ने इस बार पानी स्टोरेज के लिए पर्याप्त टैंक बनाए हैं। शहर की आबादी करीब 80 हजार है। जिला में 168 ग्राम पंचायतें हैं। जिले में 81994 पेयजल उपभोक्ता हैं।
गर्मी के मौसम ने आरंभिक तौर पर दस्तक दे दी है। अब दिन-प्रतिदिन पानी की खपत भी बढ़ने लगेगी। घरों में कूलर आदि के जरिये पानी की ज्यादा मात्रा में खपत होती रही है। पानी की खपत बढ़ने पर आपूर्ति भी बढ़ाना जरूरी हो जाता है। अभी से पानी की खपत बढ़ने लगी है।
जनस्वास्थ्य विभाग नगर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है। गांवों में दो से तीन दिन में आपूर्ति की जा रही है। शहर में दो जलघरों के जरिये पानी की आपूर्ति की जाती है। मेन चंपापुरी जलघर से शहर के 60 प्रतिशत एरिया में आपूर्ति की जाती है। शेष 40 प्रतिशत आपूर्ति दूसरे रामनगर जलघर से की जा रही है। विभाग सुबह चार बजे पानी की सप्लाई शुरू कर देता है जो देर रात 10 बजे तक जारी रहती है। रात के समय बूस्टिंग स्टेशनों को भरा जाता है ताकि सुबह घरों में सप्लाई की जा सके।
नगर में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए विभाग ने स्टोरेज क्षमता बढ़ाई है। अब 20 से 25 दिन का पानी स्टोरेज किया जा सकेगा जबकि पहले 14 दिन का पानी स्टोर होता था। विभाग ने मौजूदा दोनों जलघरों की पेयजल क्षमता बढ़ाई है। इनके अलावा शहर के लिए गांव घिकाड़ा के जलघर को अपग्रेड किया गया है। घिकाड़ा जलघर से शहर के करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत पेयजल आपूर्ति में सुधार एवं विस्तार किया गया है। करीब 30 जलघरों में आपूर्ति में सुधार किया गया है। नई पाइप लाइनें बिछाई गई हैं। ऐसे में इस बार आपूर्ति में काफी सुधार आने की उम्मीद है।
अवैध कनेक्शन ज्यादा
शहर में वैध पेयजल कनेक्शन करीब 15 हजार हैंं जबकि करीब 45 हजार अवैध कनेक्शन भी लगे हुए हैं। इन अवैध कनेक्शन धारकों के जरिये भी एक प्रकार से पानी की चोरी हो रही है। कई जगह तो मेन लाइनों में कनेक्शन कर रखे हैं जो नियम के अनुरूप नहीं है। इससे संपर्क गलियों में पानी का दबाव कम हो रहा है। इन अवैध कनेक्शन धारकों से सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। विभाग पेयजल बिल के रूप में 120 रुपये प्रति माह वसूलता है जिन उपभोक्ताओं ने पानी का मीटर लगवा रखा है उनसे 60 रुपया प्रति माह वसूला जा रहा है।
गर्मी सीजन को देखते हुए विभाग की ओर से आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। इस बार पेयजल की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। पेयजल की क्षमता बढ़ाई गई है। गांव व शहरों में पेयजल आपूर्ति में काफी सुधार किया गया है। लोगों को चाहिए कि वे पानी की बर्बादी न होने दें।
- कनिष्ठ अभियंता धीरेंद्र सांगवान, जनस्वास्थ्य विभाग।