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Charkhi Dadri News: सर्वे में शहर में मिले 73 हजार पेयजल कनेक्शन इनमें 51 हजार अवैध

Thu, 21 Nov 2024 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग ने नगर में पेयजल कनेक्शनों के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। विभाग की टीमों ने नगर में करीब 73 हजार कनेक्शनों की सूची जारी की है जिनमें 65 प्रतिशत से अधिक कनेक्शन अवैध पाए गए हैं। अब विभाग पहले इन अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों को वार्ड स्तर पर कनेक्शन वैध करवाने के लिए जागरूक करेगा।
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इन्हें अपना कनेक्शन नियमित करवाए जाने के लिए कहा जाएगा। उसके बाद भी कनेक्शन वैध नहीं कराया तो काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले दिनों विभाग ने 2300 अवैध कनेक्शन धारकों को नोटिस भी भेजे थे।

कनेक्शन धारकों के आधार कार्ड किए गए दर्ज
विभाग ने विधानसभा चुनाव से पहलेे शहर में पेयजल कनेक्शनों का सर्वे करवाया था। सर्वे के तहत कनेक्शन धारक का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व कनेक्शन नंबर दर्ज किया गया था। अब सर्वे का काम पूरा हो चुका है। विभाग ने अब फैसला लिया है कि पहले लोगों को जागरूक किया जाए ताकि वे कनेक्शन को वैध करवा लें। उसके बाद सख्ती बरती जाएगी। नोटिस भेजकर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
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नहीं हो रहा पानी का समान वितरण



मेन लाइनों में कनेक्शन होने की वजह से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है जिससे वैध पेयजल कनेक्शन धारकों को पानी नहीं मिल पाता है। वहीं सरकारी राजस्व को भी नुकसान होता है। विभाग के लिए पेयजल की बकाया राशि वसूलना भी सिरदर्द बना हुआ है।
अपनी मर्जी से कर रहे मुख्य लाइन में कनेक्शन

शहर व गांवों में पिछले कई दशक से लोग अपनी मर्जी से मुख्य और लोकल लाइन में कनेक्शन करते आ रहे हैं। कनेक्शन लेने के लिए विभाग से अनुमति भी नहीं ली जाती है। एक घर में दो कनेक्शन भी लोगों ने ले रखे हैं। ऐसे मेें ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को सरकारी राजस्व के रूप में मुश्किल से 10 प्रतिशत ही मिल रहा है। शहर में भी इस समय अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार है।



विभाग ने चार वर्ष पहले चलाया था अभियान
चार वर्ष पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर व गांवों में पेयजल कनेक्शन नियमित करने का काम शुरू किया था ताकि राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके और पानी की बर्बादी रोकी जा सके। इसके लिए सक्षम युवाओं की मदद से शहर व गांवों में पेयजल कनेक्शन नियमित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत 31 अक्तूबर 2018 तक 6322 पेयजल कनेक्शन नियमित किए गए थे। उसके बाद इस अभियान पर विराम लग गया था।


बिल भरने के संदेश भी भेज रहा जनस्वास्थ्य विभाग
विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर जल पहुंचाने के लिए अवैध पेयजल कनेक्शन काटने की मुहिम पर ध्यान दिया है। गांवों में पेयजल बिल की राशि 40 रुपये और शहर में 120 रुपये प्रतिमाह है लेकिन यह राशि भी लोग जमा नहीं करवा रहे हैं। अब विभाग ने सारा डाटा ऑनलाइन कर कनेक्शन धारकों को पेयजल बिल के संदेश मोबाइल फोन पर भेजने शुरू कर दिए हैं।





विभाग ने पेयजल कनेक्शनों का सर्वे पूरा कर लिया है। अब पहले चरण में लोगों को वार्ड स्तर पर जागरूक किया जाएगा। उसके बाद भी कनेक्शन वैध नहीं करवाया तो काटा जा सकता है। शहर में 73 हजार से ज्यादा पेयजल कनेक्शन सर्वे में मिले हैं। इनमें से 65 प्रतिशत अवैध पाए गए हैं।
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कनिष्ठ अभियंता धीरेंद्र सांगवान,
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