चरखी दादरी। जिले के दो युवकों को उनके जीजा के दोस्त ने विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की चपत लगा दी। दोनों साउथ कोरिया एयरपोर्ट पर पहुंचे तो सुरक्षा बल ने दोनों को डिपोर्ट कर दिया और आरोपी ने भी फोन नहीं उठाया। अब पीड़ित अजय कुमार की शिकायत पर बाढड़ा थाना पुलिस ने आरोपी जीजा पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को पिचौपा खुर्द निवासी अजय कुमार ने बताया कि रावलधी निवासी पवन उसका जीजा लगता है। वर्ष 2024 में जीजा के कारण राजस्थान के सुजानगढ़ निवासी सुभाष से मुलाकात हुई। उसने बताया कि वह वर्तमान में दक्षिण कोरिया में शरणार्थी के तौर पर रह रहा हूं। उसने बताया कि भारत में उसे जान का खतरा है। उसने सुभाष से संपर्क किया। उसने कहा कि 7 लाख रुपये में वह उसे साउथ कोरिया में नौकरी दिलवा सकता है। यह बात उसने कोलकाता के राजगमठ निवासी अपने दोस्त दीपांकर विश्वास को बताई। दोनों ने मिलकर रकम एकत्र की और अपने पासपोर्ट की फोटो के साथ रकम अजय को भेज दी। सुभाष ने उनको एक पीडीएफ भेजी और इसे साउथ कोरिया का वीजा बताया।
उन्होंने साउथ कोरिया के लिए टिकट बुक की और 13 दिसंबर को साउथ कोरिया की एयरलाइन से सियोल के गिंपो एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पर साउथ कोरिया की इमिग्रेशन ने उन्हें बाहर नहीं जाने दिया और दस्तावेजों में कमी बताकर एक दिन एयरपोर्ट रखा और फिर पूछताछ कर वापस भेज दिया। उन्होंने सुभाष से संपर्क किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया और वे भारत आ गए। अब भी आरोपी उन्हें नौकरी लगवाने के लिए गुमराह करता रहा और अब तक रुपये नहीं लौटाए हैं। विदेश जाने के लिए दोनों ने 17 लाख रुपये उधार लिए थे। अब उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर रुपये बरामद कराने की मांग की है।