जिले में बिजली आपूर्ति मेें सुधार एवं विस्तार के लिए अब चार और नए पावर सब स्टेशन बनेंगे। बिजली निगम ने तीन सब स्टेशन के लिए जगह फाइनल कर दी है। इतना ही नहीं निगम अधिकारियों ने इन तीनों के प्रपोजल तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिए हैं। चौथे सब स्टेशन के लिए अभी जगह फाइनल नहीं हो सकी है। इसकी फाइल तैयार हो चुकी है और जल्द ही जगह चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।
जिला बन जाने के बाद बिजली की खपत हर साल बढ़ रही है। अकेले शहर में हर साल करीब 500 नए मकान बन जाते हैं, जिनमें बिजली कनेक्शन पहला काम होता है। इसी प्रकार जिले के बाढड़ा उपमंडल में भी सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत बढ़ी है। शहर में भी बिजली की प्रतिदिन खपत तीन लाख यूनिट है। गांवों में भी आबादी बढ़ने पर बिजली कनेक्शनों की संख्या हर साल बढ़ रही है।
शहर में इस समय दो पावर सब स्टेशन
शहर में इस समय दो पावर सब स्टेशन ही हैं, जिनमें रेलवे रोड सब स्टेशन और दूसरा चरखी पावर सब स्टेशन शामिल हैं। इसी प्रकार गांव मकड़ानी, घसोला, पैतावास कलां, कमोद, मोरवाला, बेरला, बाढड़ा, अटेला, जुई आदि गांवों में बिजली के 33 केवीए क्षमता के सब स्टेशन बने हुए हैं। इन सब स्टेशनों के जरिये ग्रामीण एरिया को कवर किया जाता है। जिले में करीब 45 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें 18 हजार शहरी और करीब 27 हजार ग्रामीण उपभोक्ता हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए भी निगम ने टीमों का गठन कर रखा है और पिछले दो माह के अंदर करीब 15 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई है।
नहरें जुड़ी हैं सीधे पावर सब स्टेशन से
जिले की सभी नहरों को सीधे पावर सब स्टेशन से जोड़कर हुआ है, ताकि बिजली आपूर्ति में व्यवधान न आए और नहरों के ओवरफ्लो होने का खतरा न बनने पाए। शहर का सिविल अस्पताल भी अब बड़ा रूप ले चुका है। यहां भी बिजली की खपत ज्यादा होने लगी है। सिविल अस्पताल को भी हॉटलाइन से जोड़कर रखा है।
डेढ़ एकड़ जमीन पर बनेगा एक सब स्टेशन
अब चार नए पावर सब स्टेशनों के निर्माण के लिए निगम ने प्लान तैयार कर लिया है। ये चारों पावर सब स्टेशन 33 केवीए क्षमता के बनने हैं। करीब डेढ़ एकड़ जमीन में एक सब स्टेशन बनना है। तीन सब स्टेशनों के लिए पंचायतों से जमीन के प्रस्ताव ले लिए हैं। साइटों का जायजा लिया जा चुका है।
132 केवीए बढ़ेगी जिले की बिजली क्षमता
यह चारों सब स्टेशन बनने से जिले की बिजली क्षमता 132 केवीए और बढ़ जाएगी। ऐसे में बिजली आपूर्ति पर्याप्त हो सकेगी। कम वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। नए सब स्टेशन बनने से सीधे तौर पर करीब 30 गांवों को फायदा होगा।
प्रपोजल तैयार कर हमने भेज दिया है हेड ऑफिस : एक्सईएन
बिजली निगम के एक्सईएन ने बताया कि जिले में चार नए पावर सब स्टेशन बनने हैं। तीन के एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिए हैं। चौथे सब स्टेशन के लिए जगह फाइनल होनी बाकी है। इनका निर्माण होने से जिले में बिजली आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। कम वोल्टेज की समस्या बिल्कुल खत्म हो जाएगी।