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Charkhi Dadri News: नागरिक अस्पताल में डेढ़ साल से ईएनटी का पद खाली, 6480 मरीज किए जा चुके रेफर

Wed, 29 Jan 2025 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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 शहर स्थित नागरिक अस्पताल में उपचार करोन पहुंचे मरीज। संवाद
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अमर उजाला पड़ताल:
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- जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच डिमांड भेजने के बाद भी नहीं हुई तैनाती

चरखी दादरी। दादरी नागरिक अस्पताल में डेढ़ साल से ईएनटी (आंख, नाक व गला विशेषज्ञ) का पद खाली पड़ा है। साथ लगते भिवानी जिले में भी ये पद खाली हैं। इससे दादरी स्वास्थ्य विभाग मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर रहा है। वहां आने-जाने में मरीजों को करीब 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। प्रतिदिन औसतन 15 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में ज्यादातर विशेषज्ञों की तैनाती होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं ही मरीजों को मिल पाती हैं। ईएनटी की बात करें तो यह पद नागरिक अस्पताल में ही होता है। ऐसे में जिले के 167 गांव के लोग कान, गला और नाक संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए दादरी नागरिक अस्पताल पर ही निर्भर हैं।
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दूसरी ओर, पिछले 18 माह से नागरिक अस्पताल में यह पद खाली पड़ा है। इसके चलते मरीजों को रेफर कर काम चलाया जा रहा है। इस समय अवधि में करीब 6480 मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
वहीं, रोहतक पीजीआई की भाग-दौड़ से बचने के लिए मरीज शहर के निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर अपना उपचार कराने के लिए विवश हैं। इसके बदले उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।
दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को रोहतक पीजीआई जाना पड़ रहा है और इसमें उनका सारा दिन बीत जाता है। जिला स्वास्थ्य विभाग ईएनटी की तैनाती के लिए मुख्यालय पांच मांग भेज चुका है, लेकिन, अब तक तैनाती होने का इंतजार बरकरार है। संवाद
- रेफर किए जा चुके 6480 मरीज
नागरिक अस्पताल की बात करें तो प्रतिदिन कान, नाक और गला की बीमारियों का उपचार कराने 15 मरीज पहुंचते हैं। इन सभी मरीजों को रेफर किया जाता है। एक माह में अगर 24 कार्यदिवस मानें तो हर माह करीब 360 मरीज रेफर किए गए। इस लिहाज से 18 माह में रेफर किए गए, मरीजों की संख्या करीब 6480 बनती है।
- विधायक ने भी मांगा था ब्योरा
सुनील सांगवान ने विधायक बनने के तुरंत बाद नागरिक अस्पताल का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बैठक कर संसाधनों की कमी और विशेषज्ञों के खाली पदों का ब्योरा मांगा था। उसके बाद जिले को दो विशेषज्ञ भी मिले, लेकिन, इनमें ईएनटी शामिल नहीं है। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि जल्द ही जिले में ईएनटी की तैनाती हो जाएगी। उसके तुरंत बाद ओपीडी शुरू कर दी जाएगी।

मरीज बोले : जिले में ही मिले मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
नागरिक अस्पताल पहुंचे मरीज संदीप, भतेरी, दीपा, मुस्कान, प्रदीप और पवन का कहना है कि दादरी नागरिक अस्पताल में जिलास्तर की तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। फिलहाल, जिला नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी है। इससे मरीजों को रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को इस तरफ ध्यान देकर विशेषज्ञों की तैनाती कर खाली पदों को भरना चाहिए।
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वर्सन:
ईएनटी का पद खाली होने के चलते मजबूरीवश कान, नाक और गला के मरीजों को रेफर किया जा रहा है। साथ लगते भिवानी जिले में भी यह पद खाली पड़ा है। इसके चलते रोहतक पीजीआई रेफर करना ही विकल्प है। जल्द ही ईएनटी की तैनाती हो जाएगी। इसके तुरंत बाद ओपीडी शुरू कर देंगे।
-डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग

फोटो 07
शहर स्थित नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद
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