चरखी दादरी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से वीरवार को आर्यन मॉडल स्कूल में पुलिस पाठशाला आयोजित की गई। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम, महिला अपराध और ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया। कार्यक्रम में 320 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस अधीक्षक से साइबर क्राइम और पढ़ाई संबंधित प्रश्न पूछे।
पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत ने कहा कि जीवन में आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्मी ऑफिसर कुछ भी बन जाएं लेकिन एक अच्छे नागरिक नहीं बन पाए तो आप की पढ़ाई का कोई फायदा नहीं है। एक जागरूक विद्यार्थी ही अपने लक्ष्य का आसानी से प्राप्त कर सकता है।
एसपी नितिका गहलोत ने कहा कि आजकल के विद्यार्थी सोशल मीडिया पर बहुत अधिक जुड़े हुए हैं। अनजान व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिये लड़कियों से फ्रेंडशिप कर लेते हैं और बाद में प्राइवेट पार्ट की फोटो डालकर उनको ब्लैकमेल करते हैं। अगर इस प्रकार कोई ब्लैकमेल करता है तो पुलिस को इसकी सूचना दी जानी चाहिए ताकि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके। उन्होंने कहा कि फेसबुक एवं इंस्टाग्राम से दूर रहना चाहिए। ये आपके कॅरिअर में भी बाधक बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि यू-ट्यूब इंस्टाग्राम से अच्छा है और इससे आपको पाठ्य सामग्री जुटाने में भी मदद मिलती है।
गाड़ी चलाते समय न करे मोबाइल का प्रयोग
ट्रैफिक थाना प्रभारी कमरुद्दीन ने कहा कि 18 साल से कम आयु के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि दुपहिया एवं चोपहिया गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग नहीं करना चाहिए, इससे ध्यान भटकने का डर होता है जिससे हादसा होने का खतरा रहता है। इसके अलावा शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाना चाहिए। साथ ही दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य पहने।
- पॉक्सो एक्ट के दोषी पर होती है कड़ी कार्रवाई
महिला थाना प्रभारी सोनिया ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी दी। सरकार की ओर से 18 वर्ष से नीचे किशोर या किशोरियों के उत्पीड़न मामले में पॉक्सो एक्ट का प्रावधान किया गया है। अगर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करता है तो इसकी शिकायत महिला थाने में दी जानी चाहिए। ऐसे केसों में पीड़िता का नाम गुप्त रखा जाता है। उन्होंने बताया कि अगर लड़के साथ भी कुछ गलत हुआ हो तो वह भी पुलिस में शिकायत दे सकता है।
पुलिस अधीक्षक ने दिए विद्यार्थियों के सवालों के यूं दिए जवाब मुस्कान
प्रश्न : अगर साइबर फ्रॉड हो तो हमें क्या करना चाहिए?
एसपी : इसके लिए 24 घंटे के अंदर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए ताकि फ्रॉड राशि को होल्ड किया जा सके।
अक्षय : हम कैसे पता करे कि ये फेक वेबसाइट है?
एसपी : गूगल पर वेबसाइट चेक कर लें और उन पर लिखे मोबाइल नंबर मिलाकर देख लें। अगर ओटीपी या केवाईसी आदि पूछते हैं तो वह फेक है, क्योंकि कोई भी ओटीपी एवं केवाईसी के बारे में नहीं पूछता।
निशा : लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
एसपी : हमें रटकर नहीं समझकर याद करना चाहिए और हर विषय को गहराई से पढ़ना चाहिए। जो विषय आपके कमजोर हैं, उसकी ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें।
सारिका : आपने एमबीबीएस कर ली थी तो यूपीएससी क्यों की?
एसपी : डॉक्टर के अंदर में दिन में कुछ मरीजों की सेवा कर सकती थी लेकिन अब बतौर एसपी दिन में 300 से अधिक लोगों से मिलकर उनकी समस्या का समाधान कर रही हूं।
हार्दिक : साइबर फ्रॉड का पैसा हम कैसे वापस ले सकते हैं?
एसपी : साइबर फ्राड होने पर 24 घंटे के अंदर 1930 या साइबर थाने में जाकर शिकायत करनी होगी ताकि खाता फ्रिज किया जा सके। अगर पैसा रोक लिया जाता है तो साइबर थाना प्रभारी से मिलकर पैसा वापस मिल सकता है। इसके लिए एक लिखित शिकायत देनी होगी।