उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते रिवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के पदाधिकारी।
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चरखी दादरी। द रिवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्यों ने मांगों के लिए सोमवार को दादरी के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने सरकार की ओर से छह पटवारियों के सस्पेंड करने पर नाराजगी जताई है।
कानूनगो एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि राज्यभर में क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लगभग 31 लाख एकड़ रकबे से ज्यादा का खराबा पोर्टल पर दर्ज हुआ था। इसके सत्यापन का कार्य राज्यभर के महज 800 पटवारियों ने सिर्फ 20 दिन की अल्प अवधि में सरकार के दबाव में पूरा किया। पटवारियों की ओर से किए गए सत्यापन की पड़ताल कानूनगो तहसीलदार, जिला राजस्व अधिकारी, उपायुक्त और कमिश्नर की ओर से भी की गई है। केवल पटवारी को इस मामले में दोषी ठहराया जाना पूर्णत अनुचित है।
ज्ञापन में कहा गया कि फोटो के साथ इतने रकबे का सत्यापन संभव ही नहीं था, यह बात एसोसिएशन ने पहले भी उच्च अधिकारियों को बताई थी। खेतों में जलभराव होने से प्रत्येक खसरा नंबर पर जाकर फोटो खींचना संभव भी नहीं था। इसलिए सरकार को धरातल की यथास्थिति को समझते हुए पटवारियों के सस्पेंड के आदेश वापस लेने चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर हर साल हजारों फर्जी रजिस्ट्रेशन किए जाते हैं जिनके खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है। जिला कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान कुलबीर सांगवान ने बताया कि चरखी दादरी जिले में लगभग सवा दो लाख एकड़ जमीन क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज की गई है जिसका सत्यापन का कार्य 45 पटवारियों ने 20 दिन की अल्पावधि में पूरा किया है।
तहसील दादरी के प्रधान कुलबीर छिल्लर ने कहा कि दरअसल सरकार किसानों को मुआवजा देना नहीं चाहती और उसका ठीकरा राजस्व विभाग के पटवारियों के सिर पर फोड़ा जा रहा है। एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 14 दिन के अंदर सस्पेंड किए गए पटवारियों के आदेश रद्द नहीं किए जाते हैं तो एसोसिएशन प्रदेश में कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।