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Charkhi Dadri News: तबले की थाप न हारमोनियम की धुन, बच्चे कैसे सीखें संगीत के गुण

Thu, 27 Mar 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी शहर के जीएमएसएसएस स्कूल की फिजिक्स लैब में रखा हार्माेनियम। 
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रबिन वर्मा
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चरखी दादरी। जिले के 109 स्कूलों में से मात्र 3 स्कूलों में ही संगीत शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों के बिना तबले की थाप सुनाई देती है न हारमोनियम से सा, रे, ग की मधुर धुन गूंज रही है। इनसे संबंधित अन्य सामान भी स्कूलों के कमरों में बंद हैं और धूल फांक रहे हैं।
संगीत विषय कक्षा नौवीं से ही वैकल्पिक विषय के रूप में है। स्कूल प्रभारियों को भी नहीं पता है कि वाद्य यंत्र किस कमरे में रखे हैं। किस हालत में हैं। विभाग की ओर से संगीत शिक्षक तैनात न किए जाने के कारण विद्यार्थियों का रुझान इस विषय से घट रहा है।
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जिले में 67 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और 42 राजकीय उच्च विद्यालय हैं। इनमें से केवल तीन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में ही संगीत शिक्षक हैं जबकि 106 स्कूलों में इनके पद खाली हैं। इनमें विभाग की ओर से अब तक कोई शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया है। संगीत कक्षा नौवीं से ही वैकल्पिक विषय के तौर पर है। शिक्षक न होने के कारण विद्यार्थी संगीत विषय का चयन नहीं करते हैं। विद्यार्थियों के बिना शिक्षकों की तैनाती भी नहीं हो पा रही है।
जिले में तीन शैक्षणिक खंड हैं। इनमें दादरी खंड में 22 वरिष्ठ और 18 उच्च विद्यालय हैं। वहीं, बौंदकलां में 24 वरिष्ठ व 14 उच्च और बाढड़ा खंड में 21 वरिष्ठ और 10 उच्च विद्यालय हैं। इनमें से दादरी खंड के शहर स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या स्कूल में एक संगीत शिक्षक है।
वहीं, बौंदकलां खंड में गांव समसपुर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक-एक संगीत शिक्षक नियुक्त किया गया है। इनके अलावा, विभाग की ओर से किसी स्कूल में संगीत शिक्षक तैनात नहीं किया गया है। इससे विद्यार्थियों का संगीत के प्रति रुझान कम हो रहा है। विद्यार्थियों का अभिनय व संगीत कौशल भी नहीं निखर पा रहा है। सिखाने के अभाव में संगीत कला भी लुप्त होती जा रही है।
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हिंदी की परीक्षा में उड़नदस्तों का बना रहा दबदबा

चरखी दादरी। शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा बुधवार को 32 केंद्रों में संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान एसडीएम, डीईओ व शिक्षा बोर्ड प्रश्नपत्र उड़नदस्तों का दबदबा बना रहा। हिंदी विषय की परीक्षा के लिए 37 में से 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए। हिंदी अनिवार्य विषय होने की वजह से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ानी पड़ी। सुबह शिक्षा बोर्ड प्रश्नपत्र उड़नदस्ता ने प्रश्नपत्र वितरित किए उसके बाद केंद्रों का निरीक्षण किया। बोर्ड प्रश्नपत्र उड़नदस्ता ने दादरी राजकीय कन्या स्कूल, वैश्य स्कूल, आदर्श स्कूल व पैतावास कलां परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
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