चरखी दादरी/बौंदकलां। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, गुप्तचर और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बौंदकलां स्थित एक जच्चा-बच्चा केंद्र में मंगलवार शाम दबिश दी। करीब 5:50 से 7:50 तक टीम ने यहां कार्रवाई की और इस दौरान यहां न तो महिला डॉक्टर मिली और न ही अस्पताल चलाने की अनुमति पाई गई। इस पर संज्ञान लेकर पुलिस ने यहां पर मिला मरीजों का रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है स्वास्थ्य विभाग ने अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दरअसल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि बौंदकलां में स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लिए बिना जच्चा-बच्चा अस्पताल चलाया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने गुप्तचर विभाग और स्वास्थ्य विभाग से डॉ. विकास साहू को साथ लेकर प्रियंका जच्चा-बच्चा अस्पताल में दबिश दी। अस्पताल के अंदर एक लैब भी मिली। लैब संचालक से लाइसेंस व अनुमति दिखाने को कहा तो वो कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके अलावा अस्पताल संचालक डॉ. भी नहीं मिली। टीम ने लैब में लिए सैंपलों का ब्योरा रजिस्टर भी कब्जे में ले लिया और इसे एएसआई राधेश्याम के हवाले किया गया।
- ढाई साल से चल रहा है अस्पताल
टीम में शामिल एक कर्मचारी ने बताया कि यह अस्पताल करीब ढाई साल से चल रहा है और प्रतिदिन यहां मरीज आते हैं। हालांकि यहां अनुमति पत्र और लाइसेंस न मिलने से अस्पताल की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।