चरखी दादरी। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में जिलेभर में 25 ब्रीडिंग चेकर नियुक्त किए गए हैं जो गांवों और शहरी क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान जलभराव और घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। ऐसे में ब्रीडिंग चेकर विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पानी की टंकियों, कूलरों, गमलों, कबाड़, पुराने टायरों और अन्य स्थानों की जांच करेंगे, जहां मच्छरों का लार्वा विकसित होने की संभावना रहती है। जांच के दौरान लार्वा मिलने पर तुरंत निरोधक कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित लोगों को आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विभाग द्वारा नियुक्त किए गए ब्रीडिंग चेकर जागरूकता, टेस्टिंग और निरोधक गतिविधियों को भी अंजाम देंगे। वे घर-घर जाकर लोगों को यह समझाएंगे कि सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के बर्तनों को खाली कर साफ करना जरूरी है। साथ ही छतों, आंगनों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने देने की सलाह भी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आमजन की भागीदारी के बिना इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। विभाग की टीमों द्वारा नियमित रूप से लार्वा सर्वे, फॉगिंग और जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखें तथा किसी भी स्थान पर पानी जमा न होने दें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय रहते किए गए जागरूकता अभियान और ब्रीडिंग नियंत्रण गतिविधियों से जिले में मच्छर जनित बीमारियों के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकेगा। आगामी दिनों में ब्रीडिंग चेकरों की टीमें जिलेभर में लगातार अभियान चलाकर स्थिति पर नजर रखेंगी।
जिले में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए 25 ब्रीडिंग चेकर नियुक्त किए गए हैं। ये ब्रीडिंग चेकर शहर व गांवों में जाकर लार्वा की जांच करेंगे तथा लोगों को मच्छरों को पनपने से रोकने के प्रति जागरूक भी करेंगे।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन, दादरी।
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