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हरियाणा: डिप्टी सीएम ने यूक्रेन से लौटे चार युवाओं के खाते में डलवाई वापसी में खर्च हुई राशि, दाखिले की योजना पर भी चल रहा काम

Mon, 14 Mar 2022 11:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह हनी सोनी, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यूक्रेन से लौटने वाले विद्यार्थियों के आगे दाखिला करवाने की योजना पर सरकार काम कर रही है। चरखी दादरी के 48 युवाओं से पुरानी अनाज मंडी में मुलाकात की।
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यूक्रेन से चरखी दादरी वापसी करने वाले विद्यार्थियों से मिलते डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूक्रेन से सकुशल स्वदेश वापसी करने वाले युवाओं को अब हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने एक और खुशी दी है। चरखी दादरी के चार विद्यार्थियों के खातों में दुष्यंत चौटाला ने स्वेदश वापसी के जतन में खर्च हुई धनराशि डलवाई है। यह राशि उन्होंने अपने कोष से दी है। इसके साथ ही उन्होंने डीसी प्रदीप गोदारा को बाकी बचे विद्यार्थियों के खर्च का विवरण लेने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन से लौटने वाले विद्यार्थियों के आगे दाखिला करवाने की योजना पर सरकार काम कर रही है।

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दुष्यंत चौटाला दादरी में आयोजित राष्ट्र स्तर की सीनियर महिला कबड्डी चैंपियनशिप के समापन समारोह में भाग लेने रविवार देर शाम चरखी दादरी पहुंचे थे। समारोह स्थल पर ही उन्होंने यूक्रेन से लौटने वाले जिले के 48 युवाओं से मुलाकात की। डिप्टी सीएम ने इन युवाओं से यूक्रेन के हालातों और स्वदेश वापसी में आई दिक्कतें भी जानीं। इस दौरान डिप्टी सीएम ने इन विद्यार्थियों के अभिभावकों द्वारा स्वदेश वापसी पर वहन किए खर्च का भी ब्योरा जाना।
 
डिप्टी सीएम ने कहा कि यूक्रेन से भारत लौटने पर कुछ अभिभावकों की धनराशि खर्च हुई है और दादरी जिले से यह जानकारी उन्हें मिली थी। इसके चलते चार विद्यार्थियों के खातों में राशि डलवा दी गई है, जबकि बाकी 44 युवा अपने खर्च का ब्योरा डीसी के पास जमा करवा दें। उनके खातों में भी खर्च हुई राशि डाली जाएगी और यह राशि वो अपनी निजी कोष से देंगे। संवाद
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20 से 80 हजार तक आया परिजनों का खर्च
यूक्रेन से जिले के 48 विद्यार्थियों ने घर वापसी की है। एक अभिभावक ने बताया कि कुछ बच्चों को बस के जरिये तो कुछ को ट्रेन के जरिये आना पड़ा। उक्त अभिभावक ने बताया कि उसकी बेटी और बेटा यूक्रेन में थे और 1200 किलोमीटर की दूरी बस में तय कर बॉर्डर तक पहुंचे। इसके बदले उन्हें 500-500 डॉलर देने पड़े। उस दौरान बच्चों के खातों में रुपये नहीं पहुंचे और किसी और के खाते में 500 के बदले 600 डॉलर डालने पड़े। उन्होंने बताया कि यूक्रेन से दादरी वापसी करने वाले विद्यार्थियों का 20 से लेकर 80 हजार तक खर्च आया है। उनके दोनों बच्चों की वापसी पर 60-60 हजार रुपये खर्च हुए हैं।

सेटबैक न लगे, इसके लिए भी प्रयासरत्त: डिप्टी सीएम

युद्ध शुरू होते ही केंद्र सरकार ने यूक्रेन में फंसे युवाओं की स्वदेश वापसी की योजना तैयार कर गंगा ऑपरेशन शुरू किया था। यह सफल रहा और सभी विद्यार्थियों की सकुशल घर वापसी हुई। मेरे संज्ञान में आया था कि देश वापसी करने में कुछ बच्चों के अभिभावकों का हजारों में खर्च आया है। इस पर संज्ञान लेते हुए ही मैंने अपने कोष से इनके खाते में राशि डालने का निर्णय लिया है। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सेटबैक न लगे, इसके लिए भी सरकार व्यवस्था कर रही है। -दुष्यंत सिंह चौटाला, डिप्टी सीएम

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