संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए किसान 31 दिसंबर तक बैंक में प्रीमियम कटवाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। कोई भी ऋणी किसान अगर इस योजना में शामिल नहीं होना चाहता है तो वह 24 दिसंबर तक बैंक में अपनी असहमति देकर योजना से बाहर रह सकता है।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि रबी सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की योजना चलाई जा रही है, जिसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर तक है। गेहूं की फसल के लिए किसान को 459.2 रुपये प्रति एकड़, चना के लिए 225.75 प्रति एकड़, सरसों के लिए 308.2 प्रति एकड़, जौ के लिए 292.67 रुपये प्रति एकड़ और सूरजमुखी की फसल के लिए किसान को 311.35 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रीमियम जमा करवाना होगा।
उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों में तो ऋणी किसान का प्रीमियम फसल बीमा योजना के लिए स्वत: उसके खाते से काट लिया जाता है। यदि कोई सहकारी बैंक का उपभोक्ता किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल नहीं होना चाहता है तो वह 24 दिसंबर तक अपनी असहमति पत्र बैंक को दे सकता है। निजी व राष्ट्रीयकृत बैंकों में फसल बीमा योजना के लिए किसान को खुद अपने खाते से बीमा प्रीमियम की राशि कटवानी होगी।
फसल बीमा योजना में किसान की फसल किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि, फसल की महामारी, जलभराव या आकाशीय बिजली के कारण खराब हो जाती है तो उसे क्षतिपूर्ति राशि कंपनी की ओर से दी जाएगी।
कृषि उप निदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि किसान को फसल खराब होने के बाद 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना क्रॉप इंश्योरेंस एप, अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारी या फिर टोल फ्री नंबर 14447 पर देना जरूरी है। किसान कृषि विभाग से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सभी किसानों के लिए उपलब्ध है।