बारिश और ओलावृष्टि से लाड गांव में धरती पर बिछी गेहूं की फसल। संवाद
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हंसावास कलां गांव में गिरे ओले। संवाद
बाढड़ा उपमंडल के 18 गांवों में शुक्रवार रात 5 से 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि, फसलों और सब्जियों में काफी नुकसान
12,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसल में ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बाढड़ा। बाढड़ा उपमंडल के 18 गांवों में शुक्रवार रात हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खूब तबाही मचाई। गेहूं और सरसों की फसल समेत सब्जियों में नुकसान होने से किसानों के सपने टूट गए। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 12 हजार एकड़ में खड़ी फसल को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। वास्तविक रिपोर्ट धरातली सर्वे पर ही सामने आएगी।
उपमंडल क्षेत्र में शुक्रवार रात को बारिश के साथ गिरे ओलों ने रबी सीजन की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे सरसों और गेहूं की फसल में सबसे अधिक नुकसान है। वहीं, सब्जियों व गेहूं के छोटे पौधे खराब होने और भूमि पर बिछने से उनमें अधिक नुकसान होने की आशंका से भी अठारह गांवों के किसान बेहद चिंतित हैं।
शुक्रवार रात गांव लाड, भांडवा, ढाणी सूरजा, हंसावास खुर्द, हंसावास कलां, नांधा, किष्कंधा, निमड़-बडेसरा, कांहड़ा में ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में पके सरसों के दाने जमीन पर बिखर गए। वहीं, गेहूं की फसल भी बिछ गई। इससे जड़े तक उखड़ गईं। इन गांवों में किसानों ने मूली के अलावा तरबूज, प्याज, सहित अन्य सब्जियां उगा रखी थीं। ये ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गईं।
जिला कृषि विशेषज्ञ डाॅ. चंद्रभान श्योराण ने कहा कि शुक्रवार रात्रि जिले के गांवों में ओलावृष्टि से फसल को ज्यादा नुकसान है। राजस्व व कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान के आकलन में जुटी हैं।
- किसान नेता बोले : किसान पर कहर बनकर टूटी ओलावृष्टि
किसान नेता हरपाल भांडवा, राजबीर नंबरदार, रामअवतार लाड, गिरधारी , ओमप्रकाश व देशराज आदि ने बताया कि ओलावृष्टि किसानों पर कहर बनकर टूटी। फसल जमीन पर बिछने से किसानों के अच्छा उत्पादन होने के सपने टूट गए।
- किसान बोले : अब फसल की लागत भी नहीं होगी पूरी
किसान सोमबीर लाड, मनजीत, हरिकिशन, उमेद और मुकेश ने बताया कि पहले वर्षा और बाद में ओलावृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे पैदावार न के बराबर होगी। किसानों की फसल लागत तक पूरी नहीं हो पाएगी।
वर्सन:
बीमित किसान कृषि विभाग पोर्टल पर अपने नुकसान की रिपोर्ट अपलोड कर दें। वहीं, जिन किसानों ने बीमा नहीं करवा रखा है वे क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 72 घंटे के अंदर खराबे का ब्योरा दर्ज करवा दें।
-अजय भामा, एसडीओ, कृषि विभाग