संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा/बौंदकलां।
हरियाली तीज घर में बेटी-बहुओं के लिए नई खुशियां लेकर आती हैं। तीज हमारी लोक संस्कृति के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। गांव कारी धारिणी में तीज मेले का अवलोकन करते हुए एसडीएम संजय कुमार ने यह बात कही। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से गांव कारी धारिणी, बौंदकलां व रानीला में दो दिवसीय लोक महोत्सव का आयोजन शुरू किया गया।
इस मौके पर एसडीएम ने कहा कि सदियों से हरियाणा प्रदेश में तीज महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। तीज पर्व की रंगत हमारे घर की बहू-बेटियों की देखते ही बनती है। यह दिन हमारे लिए खास है और इसी खुशी में हरियाणा सरकार ने उपमंडल स्तर पर इस त्यौहार को मनाने का फैसला लिया है। जिसमें स्वयं सहायता समूह की सैंकड़ों महिलाएं अपने उत्पाद बनाकर उनकी प्रदर्शनी लगा रही हैं।
जिला परिषद के सीईओ कुशल कटारिया ने बताया कि दादरी में हर्षोल्लास से तीज महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इसमें करीब 150 स्वयं सहायता समूहों ने भागेदारी की। इस मेले का मकसद तीज उत्सव के साथ ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाना और उनको प्रोत्साहन देना है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष शर्मा, रोशनलाल श्योराण, ग्रामीण आीविका मिशन के जिला प्रबंधक शिवांशु मिश्रा, दीपक गौतम, एबीपीओ वरूण सिवाच आदि आयोजन में अपना योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर महिलाओं के बीच संगीत व मेंहदी प्रतियोगिता करवाई गई। कल रविवार को भी मटका दौड़ व चम्मच दौड़ करवाई जाएगी।
- इन व्यंजनों और सामान की लगाई प्रदर्शनी
लोक महोत्सव में महिलाएं अपने समूह के उत्पादन पापड़, अचार, मंगोड़ी, खिलौने, मुड्डे, दरियां, बोईए, चूडिय़ां, माला आदि का प्रदर्शन कर रही हैं। कुछ महिलाएं बर्फी, लड्डू, जलेबी, चाट-पकौड़ी आदि मिठाईयां व नमकीन लेकर पहुंचीं। उन्होंने इनकी प्रदर्शनी लगाई।
- मेहंदी में सुमन तो संगीत स्पर्धा में सुदेश रही प्रथम
आयोजन के तहत महिलाओं ने झूले का भी आनंद लिया जबकि उनके बीच मेहंदी रचाओ और संगीत स्पर्धा भी आयोजित की गई। मेंहदी स्पर्धा में सुमन और संगीत स्पर्धा में सुदेश ने बाजी मारी।