दादरी नई मंडी में बसों से उतरे परीक्षार्थी। संवाद
- 9 वाहनों के जरिये परीक्षार्थी पहुंचाए गए घर से केंद्रों तक, समाप्ति के बाद वापस घर छोड़ने की भी मिली सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दिव्यांग अभ्यर्थियों ने शनिवार को अपने गृह जिले में ही सामान्य पात्रता परीक्षा दी। पहले दिन दोनों सत्रों में 9 गांवों से करीब 30 दिव्यांग परीक्षार्थियों को उनके घर से परीक्षा केंद्र लाया गया। फिर वापस उन्हें घर तक पहुंचाया गया। इसके चलते दिव्यांग अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
जिले से करीब 500 दिव्यांगों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इनमें से पहले दिन के लिए 30 परीक्षार्थियों ने वाहन सुविधा मांगी थी। दिव्यांग परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष तौर पर ग्राम सचिव और वाहनों को तैनात किया।
जिले के 12 गांवों से 12 ग्राम सचिवों ने इन दिव्यांग परीक्षार्थियों को विशेष वाहनों के जरिये केंद्रों तक पहुंचाया। इस कार्य के लिए 9 वाहन लगाए गए थे। अधिकारियों की मानें तो चांगरोड से एक, मकड़ाना से 4, डांडमा से 2, लाड व भांडवा से 5, हड़ोदी से 2, बिरही कलां से 4, मोरवाला से 4, ऊण व बौदकलां से 4 और धनासरी से 2 परीक्षार्थियों के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई।
- परीक्षार्थियों ने व्यवस्थाओं को सराहा
सरकार के निर्देश पर की गई इस व्यवस्था को लेकर दिव्यांग काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने इसके लिए सरकार व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। भांडवा से बेस मॉडल स्कूल में परीक्षा देने पहुंची मुकेश कुमारी का कहना है कि वह पहले भी कई प्रकार की परीक्षा में बैठ चुकी हैं। इसके लिए वह स्वयं वहां जाने की व्यवस्था करती थीं। इस बार सरकार की ओर से की गई यह व्यवस्था बेहतरीन है। इससे परीक्षा देने वाले प्रत्येक दिव्यांग को सुविधा मिली है।
- अटेला गांव के अंकित, चांगरोड निवासी परेश व धनासरी निवासी तनीज कुमार ने दिव्यांगों के लिए की गई व्यवस्था को लेकर कहा कि इस तरह की व्यवस्था दिव्यांगों को आगे लेकर जाने का काम करेगी। हम सभी इसके लिए सरकार का धन्यवाद करते हैं। भरोसा दिलाते हैं कि सभी दिव्यांग अपनी मेहनत और सरकार की पारदर्शी नीति की बदौलत चयनित होंगे।
- आज दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए यह रहेगी व्यवस्था
सीईटी को लेकर दूसरे दिन यानी रविवार को भी जिले के विभिन्न गांवों से दिव्यांगजनों को लेकर आने के लिए व्यवस्था रहेगी। इसके लिए विभिन्न गांवों में संबंधित 27 ग्राम सचिव और 16 वाहनों को तैनात किया गया है। रविवार को 57 दिव्यांगों को परीक्षा के लिए केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। उसके बाद उनके घर तक वापस छोड़ा जाएगा।