10 किलोमीटर तक गिरा था विमान का मलबा
हादसे के बाद करीब 10 किलोमीटर तक मलबा गिरा था। शव रखने के लिए दादरी का सरकारी अस्पताल परिसर भी छोटा पड़ गया था। दुर्घटना में 231 भारतीय, सऊदी अरब के 18, नेपाल के नौ, पाकिस्तान के तीन, अमेरिका के दो और ब्रिटिश नागरिक की मौत हुई थी। इनमें 84 लोगों की पहचान नहीं हो पाई थी। इस हादसे को दुनिया की प्रमुख हवाई दुर्घटनाओं में शामिल किया जाता है।
मालवाहक और यात्री विमान में हुई थी टक्कर
चरखी दादरी के टिकाण गांव में 12 नवंबर 1996 की शाम को हुए हादसे में टकराने वाले विमानों में मालवाहक विमान सऊदी अरब का था, जबकि यात्री विमान कजाकिस्तान का था। यात्री विमान ने राजधानी दिल्ली से उड़ान भरी थी, जबकि दूसरे विमान को दिल्ली में उतरना था। टकराने के बाद इनमें से एक जहाज टिकाण कलां के खेतों में गिरा था। शाम साढ़े छह बजे सऊदी अरब का विमान 14 हजार फीट की ऊंचाई पर था। वहीं, कजाकिस्तान का विमान 15 हजार फीट की ऊंचाई से नीचे उतर रहा था। इस दौरान दोनों विमानों की आमने-सामने टक्कर हुई थी। यह हादसा विश्व के 10 बड़े हवाई हादसों में दर्ज किया गया था।
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