चरखी दादरी। दादरी को जिला बने साढ़े 6 साल से अधिक समय हो चुका है। इस समय अवधि में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने के बजाय और बिगड़ गई हैं। आलम ये है कि अल्ट्रासाउंड सेवा पांच साल से तो एक्स-रे सेवा भी दो माह से बंद है। इसके चलते सीधे तौर पर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं।
वहीं, लोगों का कहना है कि सरकार को जिले के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए, जबकि स्वास्थ्य विभाग को अपनी सुविधाओं का दायरा बढ़ाना चाहिए। जनमंच के माध्यम से जिलावासियों की ओर से प्रशासन व सरकार को सुझाव दिए गए हैं।
जनता को तमाम स्वास्थ्य सेवाओं का मिलना चाहिए लाभ
सिविल अस्पताल पर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज निर्भर हैं। तमाम स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ न मिलने से मरीज परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सिविल अस्पताल समेत जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाना विभाग और सरकार समेत जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारी है। लंबा समय बीतने के बाद भी जिला स्तर की सेवाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा।
-विरेंद्र पप्पू, पूर्व पार्षद एवं वार्ड-19 निवासी
मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी
शहर में सीवर व्यवस्था चौपट है और सीवर लाइनों का दूषित पानी कई दिनों तक रिहायशी बस्तियों में भरा रहता है। इस मौसम में जलजनित बीमारियां फैलती हैं। इस स्थिति में सिविल अस्पताल में जिला स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की कमी खलती है। विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं की कमी का असर बड़े तबके पर पड़ता है। सरकार से गुजारिश है कि दादरी जिले में विशेषज्ञों की कमी को जल्द से जल्द दूर करे।
-महेश गुप्ता, पूर्व पार्षद, गांधी नगर
तमाम सेवाएं हों तो मरीजों को दूसरे जिले की न छाननी पड़े खाक
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लंबे समय से बनी है। हालांकि अधिकारियों के प्रयासों से सेवाओं में कुछ इजाफा जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी काफी सुधार करने की दरकार है। अगर जिला अस्पताल की तर्ज पर सिविल अस्पताल में सेवाएं मुहैया हो जाएं तो मरीजों व तीमारदारों को दूसरे जिलों की भागदौड़ से छुटकारा मिल जाए। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सरकार से तालमेल कर विशेषज्ञों व स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर करवानी चाहिए।
-संदीप फौगाट, प्रधान, पूर्ण मार्केट एसोसिएशन