बाढड़ा। उपमंडल में संचालित सरकारी विभागों में अधिकारियों की कमी बनी हुई है जिससे आमजन के काम प्रभावित हो रहे है। राजस्व, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, विकास एवं पंचायत विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में स्थायी अधिकारियों की नियुक्त नहीं होने से आमजन को कार्यों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
उपमंडल कार्यालय में बीडीपीओ कार्यालय को छोड़कर अन्य सभी सरकारी विभाग किराये के एक एक कमरों तक सिमट कर रह गए हैं। बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता सहित अन्य कार्यालय पहले ही किराये के भवन में संचालित हैं। नारनौल के तहसीलदार को बाढड़ा का भी चार्ज दे रखा है, वे सप्ताह में एक या दो बार ही समय दे पा रहे हैं।
एसईपीओ का पद रिक्त होने का खामियाजा पंचायत प्रतिनिधियों को भुगतना पड़ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यभार भी दादरी की पीओ को संभालना पड़ रहा है वहीं खंड शिक्षा अधिकारी का चार्ज बेरला विद्यालय के प्राचार्य बिशंबर को सौंप रखा है। इस वजह से क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकारी कामकाज करवाने के लिए आमजन को प्रतिदिन कार्यालयों के चक्कर काटना आम बात हो गई है।
हरियाणा नंबरदार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजबीर हंसावास, हलकाध्यक्ष मानबीर श्योराण, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजीव श्योराण, अशोक श्योराण, अनिल मान, सरपंच एसोसिएशन अध्यक्ष कृष्ण सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष सूबेदार रामचंद्र उमरवास ने बताया कि सभी सरकारी कार्यालयों के पास न खुद का भवन है और न ही अधिकारी नियुक्त हैं। इसके कारण भूमि संबधी, ग्रामीण विकास, शिक्षा सहित अ न्य कामकाज के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है