चरखी दादरी। जिला में सरकारी विभागों के पास विकास कार्यों के प्रोजेक्ट्स की ड्राइंग व डिजाइन तैयार करने के लिए ऑर्किटेक्ट नहीं है। इसके चलते ज्यादातर विभाग प्राइवेट एजेंसियों से ड्राइंग और डिजाइन तैयार करवा रहे हैं। यह प्रक्रिया महंगी है और इससे सरकारी राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अधिकारियों को किसी प्रोजेक्ट की ड्राइंग रुड़की से तो किसी की चंडीगढ़ व रोहतक के ऑर्किटेक्ट से तैयार करवानी पड़ रही है।
जिला में इस समय करीब 350 करोड़ से ज्यादा प्रोजेक्ट्स की कागज प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं जिनमें पेयजल व सीवर के प्रोजेक्ट प्रमुख रूप से शामिल हैं। किसी भी विकास कार्य के लिए पहले प्रपोजल तैयार कर हेड ऑफिस भेजा जाता है। हेड ऑफिस से स्वीकृति मिलने के बाद डिटेल्स एस्टीमेट तैयार होता है। फिर इसकी ड्राइंग तैयार होती है। इसके बाद बजट मंजूर होने पर टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू होती है।
चरखी दादरी में इस समय तकरीबन सभी सरकारी विभाग हैं जिनमें पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, रोडवेज, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग व नगर परिषद प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन विभागों के सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट होते हैं। इन सभी विभागों के एस्टीमेट व ड्राइंग समय-समय पर तैयार होते रहते हैं। अभी हाल में जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग के बड़े प्रोजेक्ट हैं जिनकी ड्राइंग तैयार हो रही है। सीवर व पेयजल के करीब 200 करोड़ के प्रोजेक्ट हैं।
- सिंचाई विभाग ने रुड़की तो जनस्वास्थ्य विभाग ने चंडीगढ़ कराई ड्राइंग तैयार
सिंचाई विभाग के 62 करोड़ के लोहारू व बधवाना नहरों के जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट है और इसकी ड्राइंग रुड़की से तैयार होनी है। रुड़की की कोई एजेंसी विभाग को ड्राइंग तैयार करके जल्द सौंपेगी। इसी प्रकार जनस्वास्थ्य विभाग भी रोहतक व चंडीगढ़ से ड्राइंग तैयार करवाता आ रहा है। अन्य सरकारी विभागों के प्रोजेक्ट की ड्राइंग भी बाहर एजेंसियों के माध्यम से तैयार होती हैं।
- मोटी फीस के साथ लगता है ज्यादा समय
प्राइवेट एजेंसियां ड्राइंग तैयार करने की मोटी फीस लेते हैं। बाहर ड्राइंग तैयार करवाने पर समय भी ज्यादा लग जाता है। कई बार ड्राइंग में त्रुटियां रह जाने पर फिर से रिमूव करवानी पड़ती है ऐसे में कई बार लंबा समय बीत जाता है।
लोहारू व बधवाना नहरों के जीर्णोद्धार के प्रोजेक्ट की ड्राइंग रुड़की तैयार करवाई जानी है। यह बड़ा प्रोजेक्ट है और आर्किटेक्ट न होने से प्राइवेट एजेंसी इसकी ड्राइंग तैयार करेगी।
-सतेंद्र कुमार, एक्सईएन,सिंचाई विभाग