बौंद कलां। कस्बा बौंद कलां स्थित राजकीय महाविद्यालय को अब अमर शहीद सूबेदार बनवारी सिंह राजकीय महाविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। प्रदेश सरकार ने महाविद्यालय के नाम परिवर्तन को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने दादरी जिले के राजकीय महाविद्यालय बौंद कलां का नाम परिवर्तित कर अमर शहीद सूबेदार बनवारी सिंह राजकीय महाविद्यालय बौंद कलां करने को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह निर्णय उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्वीकृति के बाद लिया गया है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शहीद सूबेदार बनवारी सिंह 14 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन कैक्टस लीली) के दौरान राजपूत रेजिमेंट में रहते हुए बलिदान हो गए थे। उन्होंने कहा कि यह बदलाव न केवल शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को बलिदानियों के जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करेगा।
बेहतरीन खिलाड़ी भी थे बनवारी सिंह : डॉ. जसबीर परमार ने बताया कि उनके पिता सूबेदार बनवारी सिंह बेहतरीन खिलाड़ी भी थे। वे बॉस्केट बॉल के अलावा बाधा दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद में भी शानदार प्रदर्शन करते थे। खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन के बल पर उन्हें सेना में सूबेदार के पद पर पदोन्नति मिली थी।
पत्नी प्रकाश देवी का मार्च 2025 में हुआ निधन : सूबेदार बनवारी सिंह के बलिदान होने के बाद दो बेटों व एक बेटी के पालन पोषण की जिम्मेदारी उनकी पत्नी प्रकाश देवी पर आ गई थी। बेटे डॉ. जसबीर परमार बताते हैं कि पिता के बलिदान होने के बाद मां प्रकाश देवी ने पूरे परिवार की अच्छी परवरिश की जिसकी बदौलत वे बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक बनें। वहीं उनके बड़े भाई जयवीर सिंह भी सेना में भर्ती हुए। वहीं उनकी बहन वर्षा शादीशुदा है।