मोहित बेरलिया
चरखी दादरी। वर्ष 2025 में दादरी जिले में शिक्षा क्षेत्र के लिए उपलब्धियों और चुनौतियों का मिलाजुला असर रहा। जहां एक ओर स्कूल भवनों के निर्माण की शुरुआत, बोर्ड परीक्षाओं में शानदार परिणाम और छात्राओं की प्रदेशस्तरीय उपलब्धियों ने जिले का नाम रोशन किया, वहीं दूसरी ओर डिजिटल शिक्षा की बदहाली समेत संसाधनों और शिक्षकों की कमी भी खुलकर सामने आई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने से पढ़ाई का प्रारूप बदला, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव मिश्रित रहे। अब नव वर्ष 2026 में शिक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़ी सौगातें मिलने की उम्मीद है, जो शिक्षा के क्षेत्र में जिले की तस्वीर बदल सकती हैं। वर्ष 2025 में ये हुए कार्य
1. समसपुर और इमलोटा के सरकारी स्कूलों में कमरों का निर्माण शुरू
वर्ष 2025 में गांव समसपुर और इमलोटा सहित अन्य सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण का कार्य शुरू होना शिक्षा क्षेत्र की अहम उपलब्धि रही। वर्षों से जर्जर भवनों और सीमित कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद है। नए भवनों से कक्षाओं की संख्या बढ़ेगी। बैठने की व्यवस्था सुधरेगी और मूलभूत सुविधाएं विकसित होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर माना जा रहा है।
2. कक्षा 12वीं की परीक्षा में दादरी का शानदार प्रदर्शन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में वर्ष 2025 में दादरी जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। कुल 89.63 पास प्रतिशतता के साथ जिला प्रदेश में पांचवें स्थान पर रहा। परीक्षा में शामिल कुल 5,427 विद्यार्थियों में से 4,864 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुईं।
3. कक्षा 10वीं की परीक्षा में दो छात्राओं ने प्रदेश में किया नाम रोशन
10वीं कक्षा के परिणामों में भी दादरी जिले ने प्रदेश स्तर पर शानदार पहचान बनाई। आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल बौंद कलां की छात्रा रमा और न्यू ऐरा हाईस्कूल दादरी की छात्रा अक्षिता ने 500 में से 495 अंक प्राप्त कर 99 प्रतिशत के साथ प्रदेश में तीसरा और जिले में पहला स्थान पाया। 96.08 पास प्रतिशतता के साथ दादरी जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। कुल पंजीकृत 5,816 में से 5,588 परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण होना शिक्षा के बेहतर स्तर को दर्शाता है।
4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति से बदला पढ़ाई का प्रारूप
राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 लागू होने से स्कूलों में पढ़ाई का ढांचा बदला। रटने की प्रणाली से हटकर गतिविधि आधारित शिक्षण, कौशल विकास, बहुविषयक शिक्षा और मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा पर जोर दिया गया। पाठ्यक्रम को हल्का और व्यावहारिक बनाने की कोशिश हुई। हालांकि शिक्षकों के प्रशिक्षण और संसाधनों की कमी के कारण कई स्कूलों में इसके अपेक्षित परिणाम पूरी तरह सामने नहीं आ पाए, फिर भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
5. डिजिटल शिक्षा ने तोड़ा दम
वर्ष 2025 में जिले के कई स्कूलों में डिजिटल शिक्षा दम तोड़ती नजर आई। स्मार्ट बोर्ड जर्जर हो गए। तकनीकी खराबियों के कारण उनका उपयोग बंद रहा। इंटरनेट कनेक्टिविटी और रखरखाव की कमी ने ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षण को प्रभावित किया। कोरोना काल के बाद जिस डिजिटल शिक्षा से बड़े बदलाव की उम्मीद थी, वह इस साल संसाधनों के अभाव में पिछड़ती दिखी। इससे छात्रों को आधुनिक शिक्षण पद्धति का पूरा लाभ नहीं मिल सका।
= नव वर्ष 2026 में शिक्षा क्षेत्र में ये मिल सकती हैं सौगातें
1. राजकीय कॉलेज को मिलेगा खुद का भवन =
दादरी के राजकीय पीजी कॉलेज को नए वर्ष में अपने भवन की सौगात मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कॉलेज तीन साल से गांव भैरवी स्थित किसान मॉडल स्कूल की इमारत में संचालित हो रहा है। अस्थायी तौर पर कॉलेज को लघु सचिवालय में शिफ्ट किया जा सकता है। नई अनाज मंडी के पास कॉलेज के लिए जमीन चयनित हो चुकी है, जिस पर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इससे उच्च शिक्षा में लाभ मिलेगा।
2. स्कूलों को मिलेंगे नए भवन
नए वर्ष में जिले के दर्जनों सरकारी स्कूलों को नए भवन मिलने की योजना है। इनमें अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण होगा, जिससे छात्रों की संख्या के अनुसार पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी। लंबे समय से भवनों की कमी झेल रहे स्कूलों को इससे राहत मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए यह योजना अहम साबित होगी।
3. मेडिकल कॉलेज का शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
गांव घसौला में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए 102 एकड़ भूमि चयनित कर ली गई है। नए वर्ष में इस पर भवन निर्माण का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार की संभावना रहेगी, जो पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है।
4. मॉडल संस्कृति स्कूल को मिलेगा नया भवन
शहर के सरदार झाडू सिंह चौक के पास स्थित शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल को नया भवन मिलेगा। आजादी से पहले बने इस स्कूल की हालत जर्जर हो चुकी है। बारिश में परिसर तालाब बन जाता है। नए भवन के लिए बजट मंजूर हो चुका है। पुराने भवन को तोड़कर नए निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इससे छात्रों को सुरक्षित और आधुनिक वातावरण मिलेगा।
5. मूलभूत सुविधाओं को मिलेगा विस्तार
नए वर्ष में स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लंबे समय से जिन स्कूलों में सुविधाओं की कमी रही है, वहां सुधार की योजना बनाई गई है। इससे छात्रों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है।
6. शिक्षकों की कमी पूरी की भी है उम्मीद
दादरी जिले में शिक्षकों की कमी लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी खल रही है। नए वर्ष में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। शिक्षकों की पूर्ति होने से पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और छात्रों को विषय विशेषज्ञों का लाभ मिलेगा। नए भवनों के निर्माण के साथ शिक्षण व्यवस्था को संतुलित और मजबूत बनाने की दिशा में यह अहम कदम होगा।