बाढड़ा। जिस देश का किसान बिजली- पानी व नौजवान बेरोजगारी में फंसकर भूखा प्यास रहकर सड़कों पर आंदोलन करे तो उस देश को आर्थिक महाशक्ति में कैसे शामिल किया जा सकता है। यह बात श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह बेरला ने कस्बे की अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा के धरने को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सरकार पिछले आठ सालों से जीएसटी के नाम पर कृषि, घरेलू व मकान निर्माण में प्रयोग होने वाली वस्तुओं के मनमाने दाम वसूल करती रही। विडंबना है कि सरकार आज किसान को खराब फसलों का मुआवजा देने से पीछे हट रही है जो न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश का पेट भरने वाला किसान पहले खुद की कमाई से फसलों का बीमा करवाता है और फिर बर्बाद फसलों का मुआवजा तो दूर बल्कि प्रीमियम राशि भी डकार जाती हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा बरसात होने के कारण कपास, बाजरा व ग्वार की फसल बर्बाद हो गई है। फसलों की गिरदावरी की जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
इस मौके पर प्रताप सिंह दहिया, गंगाराम श्योराण, किसान नेता कप्तान भीम सिंह, रणधीर सिंह कुंगड़, किसान सभा अध्यक्ष मास्टर रघवीर श्योराण, सूबेदार सूबेसिंह श्योराण, कप्तान देशराम आदि मौजूद रहे।