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Charkhi Dadri News: 'डी-ग्रुप की ही सही, परिवार में पहली सरकारी नौकरी तो मिली'

Sat, 09 Mar 2024 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। हरियाणा ग्रुप डी 2023 का परीक्षा परिणाम वीरवार को जारी किया गया। इसके तहत राज्य में युवाओं की 13 हजार से अधिक पदों पर भर्ती होगी। शुक्रवार को जिले के नागरिक अस्पताल में स्नातक व स्नातकोत्तर पास महिला व पुरुष युवा नौकरी ज्वाइन करने से पहले मेडिकल परीक्षण करवाने पहुंचे।
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नौकरी पाने वाले युवाओं के चेहरों पर उत्साह व खुशी झलकी। इस दौरान ज्यादातर युवा ऐसे मिले जिनके परिवार में पहली सरकारी नौकरी मिली है। इस पर खुशी प्रकट करते हुए युवाओं ने कहा कि डी-ग्रुप ही सही, परिवार में पहली सरकारी नौकरी तो मिली। वहीं, मेडिकल करवाने पहुंचे ज्यादातर युवाओं ने बताया कि वो निम्न व मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। किसी के पिता किसान है तो कोई मजदूरी व दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा है।
शुक्रवार को संवाददाता ने ग्रुप डी की परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल करवाने पहुंचे युवाओं से बातचीत कर उनका अनुभव जाना। ज्यादातर युवाओं ने कहा कि उनके परिवार को नौकरी की जरूरत थी और वो भी लंबे समय से प्रयास कर रहे थे।
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एमए पास गुलशन के माता-पिता का सपना हुआ पूरा
- पिता किसान है और एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखता हूं। बीएससी व एमए तक पढ़ाई की हुई है। काफी सालों से नौकरी की तलाश में था। गत वर्ष ग्रुप डी की परीक्षा दी थी और अब रिजल्ट आने पर नौकरी मिल गई। मेरी सरकारी नौकरी लगने से मेरे माता-पिता का सपना पूरा हुआ है। परिवार में पहली सरकारी नौकरी है। -गुलशन कुमार, मंदोला



नौकरी मिलने से सोनिया का पूरा परिवार खुश
गत वर्ष सीईटी और ग्रुप डी की परीक्षा दी थी, लेकिन सीईटी का अभी तक परिणाम घोषित नहीं हुआ है। वहीं, वीरवार को जारी डी ग्रुप के परिणाम में मुझे अच्छे नंबर मिले हैं। आज मेडिकल परीक्षण के लिए नागरिक अस्पताल आई हूं। मेरे परिवार में ये पहली सरकारी नौकरी है और पूरा परिवार बेहद खुश है। -सोनिया, सांकरोड़



नौकरी से घर में आमदनी का दूसरा साधन
परीक्षा पास होने और मेरी नौकरी लगने से परिवार बेहद खुश है। पिता गांव में ही खेती करते है और इसके अलावा घर में आमदनी का कोई और जरिया भी नहीं था। अब मेरी नौकरी से घर में दूसरा आमदनी का साधन बन गया है। परिजनों को घर में एक व्यक्ति की सरकारी नौकरी की काफी उम्मीद थी। -अनिल, पांडवान



घर खर्च में पिता का सहयोग कर सकेगा सचिन
- पिता कारपेंटर है, लेकिन इससे घर का गुजारा मुश्किल से हो पाता है। मैं 12वीं पास हूं और नौकरी न लगने से माता- पिता को भी भविष्य की चिंता रहती थी, लेकिन अब डी-ग्रुप में चयन होने से उनकी चिंता दूर होगी। पूरा परिवार बेहद खुश है क्योंकि ये पहली सरकारी नौकरी है। अब घर खर्च में पिता का सहयोग कर सकूंगा।
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सचिन, पैंतावास कलां
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