चरखी दादरी। पंचायती राज एक्ट के अनुसार गांव में कब्जों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी पंचायत एवं सरपंच की है। एक्ट में पंचायत एवं सरपंच को इस काम के लिए शक्तियां प्रदान की गई हैं। जिला प्रशासन अवैध कब्जों को हटाने के लिए संबंधित पंचायत एवं सरपंच को सहायता देने के लिए हमेशा तैयार है।
समाधान शिविर में लोगों की शिकायतों की सुनवाई करते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने यह बात कही। उन्होंने एक गांव के सरपंच द्वारा कब्जों को लेकर रखी गई शिकायत को लेकर स्पष्ट किया कि पंचायती राज एक्ट के माध्यम से पंचायत एवं सरपंच को कई प्रकार की शक्तियां मिलती हैं, जिनमें गांव से अवैध कब्जे हटाने की शक्ति भी शामिल हैं। पंचायत एवं सरपंच को अपने स्तर पर ही कब्जों को कार्रवाई करनी होती है। जिला प्रशासन इस कार्य में केवल सहयोग कर सकता है और इसके लिए प्रशासन हमेशा तैयार है।
समाधान शिविर में उपायुक्त ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आमजन की प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत प्रदान करना है। अधिकारी प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका निर्धारित समय सीमा में निपटारा सुनिश्चित करें। जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाधान शिविर में कुल बिजली, पानी, पुलिस, पीपीपी में आय दुरुस्त करवाने बारे शिकायतें प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इन समाधान शिविरों में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं। इस दौरान सीटीएम सुरेश कुमार व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।