चरखी दादरी। जिले के 167 गांवों में एक साल से बदहाल सफाई व्यवस्था जल्द पटरी पर लौटेगी। इसके लिए स्वच्छता मिशन शाखा ने सभी गांवों से नियमित कचरे का उठान करने के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। 13 एजेंसियों ने कचरा उठान कार्य करने में दिलचस्पी दिखाई है। अब अधिकारी जल्द ही बैठक में मंत्रणा के बाद एक एजेंसी का नाम तय कर देंगे। इसके तुरंत बाद एजेंसी धरातल पर काम शुरू कर देगी।
एक साल से जिले के गांवों से कचरा उठान कार्य ठप पड़ा है। इसके लिए हायर की गई एजेंसी का अनुबंध पूरा होने के बाद से गांवों में कचरा उठान नहीं हो पा रहा, जबकि नया अनुबंध करने की प्रक्रिया भी लंबे समय से ठंडे बस्ते में रही। कचरा उठान कार्य किसी भी एजेंसी को आवंटित नहीं होने से गांवों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए। अब चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया है। जल्द ही अब टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पांच लाख की आबादी को मिलेगी राहत
ग्रामीण क्षेत्र में इस समय स्वच्छता अभियान चरमराया हुआ है। कई माह से कचरे का निस्तारण एवं उठान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता मिशन 3.0 के तहत कचरा से खाद तैयार की योजना पर काम चल रहा है। कचरा उठान न होने से इसमें भी बाधा आ रही है। एजेंसी का नाम तय होने के बाद गांवों से कचरा उठान होने पर करीब पांच लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
टीम नहीं पहुंची तो लोग मनमर्जी से डालने लगे कूड़ा
उठान के लिए एजेंसी की टीम न पहुंचने से गांवों में लोग कचरा को निर्धारित जगह पर डालने के बजाय मनमर्जी से डालने लग गए, जिससे जगह-जगह ढेर लग गए हैं। एजेंसी के जरिये घर-घर से कचरा उठान होता है। एजेंसी रिक्शा से कचरा का उठान करवा निर्धारित जगह तक भिजवाती है और वहां प्लास्टिक, सूखा, गीला कचरे को अलग-अलग किया जाता है। एजेंसी इस कचरे का खाद तैयार करवाती हैं।
सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को मिलेगा कचरा
कचरा एजेंसी पीडब्ल्यूडी को भी कचरा उपलब्ध करवाती है, जिससे सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने एक ओर तारकोल की खपत कम होती तो दूसरी ओर सड़क में मजबूती भी होती है। अब एजेंसी के काम शुरू होने के बाद पीडब्ल्यूडी को भी कचरा आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।
कचरा उठान के लिए किसी एजेंसी को काम जल्द आवंटित किया जाएगा। कचरा उठान के लिए 13 एजेंसियों ने दिलचस्पी दिखाई है और जल्द ही अधिकारियों की बैठक में एक नाम तय कर दिया जाएगा। गांवों की सफाई व्यवस्था में जल्द सुधार देखने को मिलेगा। -रामनिवास, एपीओ, स्वच्छता मिशन