चरखी दादरी। चोरी की लग्जरी गाड़ियों को फर्जी आरसी बनवाकर बेचने वाले गिरोह से जुड़े गुर्गे भी कई राज उजागर कर रहे हैं। एसटीएफ की गिरफ्त में आए चरखी दादरी के प्रेम नगर निवासी प्रवीन ने भी जेल जाने से पहले पूछताछ में कई बातें बताईं है। उसने बताया कि अमित ग्राहक ढूंढने के लिए उन्हें चोरी की गाड़ियां देता था जिनमें घूमकर वो टशन जमाने के साथ खरीददार भी तलाश करते थे। कई बार तो गुर्गों को दो से तीन लग्जरी गाड़ियां भी दी जाती थीं जिन्हें वो अपने घर ही रखते थे।
एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले प्रेम नगर निवासी प्रवीन को दादरी की भढाणी फाटक के समीप से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से चोरी की स्कोर्पियो बरामद की गई थी जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर एचआर-10- 1616 था। प्रवीन ने इसके बाद एक स्कोर्पियो और एक इनोवा भी बरामद करवाई जिन्हें दादरी जिले में ही बेचा गया था। पड़ताल के दौरान सामने आया कि दोनों स्कोर्पियो दिल्ली से करीब एक साल पहले चोरी की गई थी।
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि जेल जाने से पहले पूछताछ के दौरान गिरोह सरगना अमित के गुर्गे प्रवीन ने बताया था कि वो शहर की सड़कों पर भी गाड़ियां घुमाते थे ताकि लोगों की नजर पड़े और उन्हें खरीददार मिल सके। पिछले दो साल में ही दादरी जिले में कई गाड़ियां गिरोह ने खपाई हैं जिनमें से 15 अब तक रिकवर हो चुकी हैं। एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाला के अनुसार अभी और गाड़ियां दादरी समेत अन्य जिलों से बरामद होनी हैं।
- रुतबा बढ़ाने के लिए रिश्तेदारियों में घुमाते थे गाड़ियां
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि गिरोह से जुड़े गुर्गे न केवल अपने शहर में बल्कि रिश्तेदारियों में भी चोरी की लग्जरी गाड़ियां घुमाते थे। रिश्तेदारियों के जरिए भी गुर्गों ने कई गाड़ियों की डिलीवरी करवाई है। रिश्तेदारियों में गाड़ियां ले जाने के दो मकसद होते थे जिनमें एक ग्राहक ढूंढना और दूसरा रुतबा बढ़ाना है। अभी और गुर्गों की गिरफ्तारी होनी है और उनकी निशानदेही पर एसटीएफ और गाड़ियां रिकवर करेगी।
- अमित करेगा सभी गुर्गों के नाम उजागर
एसटीएफ प्रदेश के आठ जिलों से चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद कर चुकी है। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि इन जिलों में उनका नेटवर्क है। तीन जुलाई को एसटीएफ गिरोह सरगना अमित को प्रोडेक्शन वारंट पर लाएगी और वह प्रदेश में एक्टिव उसके गुर्गों के नामों का खुलासा करेगा।
अमित ग्राहक ढूंढने के लिए चोरी की गाड़ियां अपने गुर्गों को दे देता था। इन गाड़ियों में गुर्गे घुमते थे और खरीददारों को तलाशते थे। दादरी से गिरफ्तार किए गए प्रवीन ने कुछ और गुर्गों के नाम उजागर किए हैं। उनकी तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ