चरखी दादरी। सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह अपने गुर्गाें की मदद से बेरोजगार युवाओं की तलाश करता था। वारदात के बाद गिरोह गर्गाें को उनका हिस्सा देता था। हालांकि उनका हिस्सा कितना तय था और किन राज्यों में उनके कितने गुर्गे सक्रिय है, इसका खुलासा गिरोह सरगना सुनील की रिमांड अवधि पूरी होने पर ही हो सकेगा।
फिलहाल साइबर थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है। उसे आठ दिन के रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस उसके खुलासे की जानकारी देने से इंकार कर रही है, लेकिन उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि सुनील काफी रसूखदार है और बिहार राज्य में उसकी उसकी अच्छी पकड़ है। वहीं, पुलिस के अनुसार गिरोह ने वर्ष 2020 और 2021 में हरियाणा के अलावा उत्तर-प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और बिहार के युवाओं को निशाना बनाया। हरियाणा में गिरोह द्वारा ठगे गए युवाओं की संख्या काफी है और चरखी दादरी पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी को अन्य जिलों की पुलिस भी पूछताछ के लिए अपने साथ ले जा सकती है। हालांकि इससे पहले दादरी पुलिस उससे कई राज उगलवा लेगी।
ऑनलाइन लेते थे रकम
गिरोह के विभिन्न राज्यों में गुर्गे सक्रिय थे और वो ही सेना भर्ती के बेरोजगार युवाओं की तलाश करते थे। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि नौकरी के बदले ज्यादातर रकम गिरोह में शामिल लोग ऑनलाइन लेते थे और इसकी बानगी दादरी जिले में वर्ष 2022 में दर्ज हुए मामले में भी देखने को मिल रही है।
एक साल से सुनील के पीछे लगी थी दादरी पुलिस
वर्ष 2022 में सदर थाने में ठगी का मामला दर्ज होने के बाद से ही गिरोह सरगना सुनील और उसके अन्य साथियों की दादरी पुलिस को तलाश थी। एक साल पहले भी दादरी पुलिस सुनील तक पहुंच गई थी, लेकिन वह भागने में कामयाब रहा था। इसके बाद मामले की जांच सदर थाना पुलिस की बजाय साइबर थाना पुलिस को साैंपी गई थी। पीएसआई विशाल की टीम ने केस पर गहनता से काम कर आरोपी को 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर पकड़ लिया।
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फिलहाल आरोपी सुनील से पूछताछ जारी है। उसे आठ दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान उससे कई खुलासे होने की उम्मीद है।
-विशाल कुमार, पीएसआई एवं एसएचओ, साइबर थाना