पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ स्वतंत्रता सेनानी रामकृष्ण गुप्ता।
चरखी दादरी। संसद में सबसे ज्यादा प्रश्न पूछने व उपस्थिति का रिकाॅर्ड नगर निवासी स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद रामकृष्ण गुप्ता के नाम दर्ज है। स्व. रामकृष्ण गुप्ता ने देश की आजादी की लड़ाई में अपूर्व योगदान दिया। उन्होंने दादरी शहर में स्कूल व कॉलेज खुलवाए। उन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियां चलाने के आरोप में जेल भी काटी।
बता दें कि दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी रामकृष्ण गुप्ता का जन्म 27 मई 1918 को हुआ था। उन्होंने यूपी के बनारस में पढ़ाई की। इस दौरान वे रोहतक में पंडित श्रीराम शर्मा के संपर्क में आए। उनकी मुलाकात सीबी गुप्ता से करवाई। तत्पश्चात रामकृष्ण गुप्ता ने कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन में भाग लिया। इस दौरान वे नेताजी सुभाषचंद्र बोस के करीबी रामरत्न गांगुली व सचिनाथ के संपर्क में आए। तत्पश्चात रामकृष्ण गुप्ता फॉरवर्ड ब्लॉक के सदस्य बने। उन्होंने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लिया जिससे चलते उन्हें गिरफ्तार कर मियावाली जेल में डाला गया। वे करीब एक साल तक जेल में रहे।
- तीन बार बने सांसद
रामकृष्ण गुप्ता तीन बार सांसद चुने गए। वे पहली बार 1955 में सांसद बने। उसके बाद 1957 व 1967 में सांसद चुने गये। 1961 में उन्होंने चरखी दादरी शहर में दादरी एजुकेशन सोसायटी की स्थापना की। 1964-65 में जनता कॉलेज भवन का निर्माण कराया। इस कॉलेज का पहला बैच 1968 में शुरू हुआ। इसके बाद रामकृष्ण गुप्ता ने बीएड कॉलेज, डीआरके स्कूल, एमबीए, एमसी कॉलेज व आयुर्वेदिक कॉलेज बनवाया। तत्पश्चात उन्होंने कॉलेज रोड पर राम मंदिर का निर्माण कराया। 14 अप्रैल 2009 को उनका निधन हो गया था। उनके संतान के रूप में चार बेटियां व दो बेटे हैं।
- शिक्षा के क्षेत्र से परिवार का शुरू से रहा जुड़ाव
रामकिशन गुप्ता की एक बेटी डॉ. विद्या गुुप्ता इस समय दादरी एजुकेशन सोसायटी की प्रधान हैं। एक बेटा पवन गुप्ता जनता कॉलेज कार्यकारिणी का प्रधान हैं। दूसरा बेटा अशोक गुप्ता भी दादरी एजुकेशन सोसायटी का प्रधान रह चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में रामकृष्ण गुप्ता के अतुलनीय योगदान को कदापि नहीं भुलाया जा सकेगा। बेटी डॉ. विद्या गुप्ता का कहना है कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को कभी भूलना नहीं चाहिए।