चरखी दादरी। शहर को जोन में बांटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने धरना संयोजक समिति से दो दिन का और समय मांगा है। जोन न बनाने के पीछे विभाग का तर्क है कि बारिश के सीजन में शहर में जलभराव की समस्या है और ऐसी स्थिति से टीमें मिलकर ही पार पा सकती हैं। एक्सईएन ने आश्वस्त किया कि शुक्रवार तक शहर में जोन निर्धारित कर दिए जाएंगे। फिलहाल शहर की सीवर और पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए एक्सईएन ने मंगलवार को चार टीमें गठित कर हेल्प लाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं। इसके बाद उन्होंने मौके पर जाकर जलभराव की स्थिति का भी जायजा लिया।
रविवार और सोमवार को शहर में हुई करीब 91 एमएम बारिश ने जनस्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल दी थी। मंगलवार को बारिश तो नहीं लेकिन शहर में जलभराव की स्थिति बनी रहीं। बारिश से पहले भी शहरवासी पेयजल और ठप सीवर समस्या से परेशान थे। इसे लेकर शहर के गण्यमान्य लोगों ने धरना भी दिया था। इसके बाद नगराधीश अमित मान की मौजूदगी में उनकी जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी और नप अधिकारियों से बैठक भी हुई थी, जिसमें शहर के अंदर जोन बनाने और प्रत्येक जोन के लिए सीवर व पेयजल टीमें बनाने की मांग की थी। सोमवार को जोन निर्धारित करते और टीमें बनाने की कार्रवाई होनी थी, लेकिन बारिश से शहर में जलभराव हो गया और जोन का गठन नहीं किया जा सका।
अब शहर में जलभराव का हवाला देते हुए एक्सईएन रोहित कुमार ने मंगलवार को जोन बनाने के लिए दो दिन का समय मांगा और सीवर व पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए दो-दो टीमों को गठन कर दिया। इन टीमों से संपर्क कर शहरवासी अपनी पेयजल और सीवर समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं।
सीवर- पानी की समस्याओं पर इन नंबरों पर करें कॉल
पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए जेई अमित कुमार के मोबाइल नंबर 9802740502 और जेई सतमेंद्र के मोबाइल नंबर 89011-63225 पर कॉल कर सकते हैं। जलभराव या सीवर समस्या के लिए जेई मनोज रोहिल्ला के मोबाइल नंबर 86072-50536 पर और जेई विशाल सिंह के मोबाइल नंबर 89308-77717 पर कॉल कर सकते हैं।
तीन कॉलोनियों से जुड़ी समस्या के समाधान की बनाई कार्ययोजना
डीसी अमरजीत सिंह मान ने जनस्वास्थ्य विभाग को चरखी दरवाजा पर चार साल से बनी समस्या का स्थायी समाधान करने के आदेश दिए थे। मंगलवार दोपहर एक्सईएन मौका देखने पहुंचे और तीन कॉलोनियों से जुड़ी समस्या की कार्ययोजना तैयार की। एक्सईएन ने बताया कि यहां से पानी का उठान कर खाली जगह में डाला जाएगा और फिर वहां से पानी बूस्टर तक पहुंचाया जाएगा। करीब दस हजार की आबादी यहां जलभराव की समस्या से त्रस्त है।
गलियों में अभी भी एक फुट तक पानी
मंगलवार को भी शहरवासियों को जलभराव से राहत नहीं मिल पाई। चरखी दरवाजा, हरी नगर, नगर परिषद कार्यालय समेत दस से अधिक जगहों पर अभी भी एक फुट तक पानी भरा हुआ है। हालांकि विभाग ने पंप सेट और मोटरों की संख्या बढ़ाकर छोटी सीवर लाइनों का पानी मैनहोल के जरिये निकालना शुरू कर दिया है। बारिश अगर नहीं होती है तो फिर बुधवार तक लोगों को जलभराव से राहत मिल सकती है।
बारिश में जलभराव से शहर को बचाने के लिए टीमों को एकजुटता के साथ काम करना पड़ेगा। हमने सीवर व पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए दो-दो टीमें गठित कर दी हैं। इनसे संपर्क कर लोग समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं। चरखी दरवाजा क्षेत्र पर बनी समस्या का मैंने जायजा लिया है। जल्द ही वहां से पानी की निकासी करवाकर बूस्टर तक पहुंचाई जाएगी और फिर वहां से मेन लाइन के जरिये एसटीपी तक पानी पहुंचाया जाएगा।
रोहित कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
जलभराव की स्थिति का हवाला देकर एक्सईएन ने जोन बनाने के लिए दो दिन का समय मांगा है और उनके तर्क से हम संतुष्ट भी हैं। टीमों का गठन विभाग ने कर दिया है। अगर हमें आउटपुट नहीं मिलता है तो फिर 31 जुलाई से पहले भी अपना आंदोलन और तेज कर सकते हैं।
नितिन जांघू, धरना संयोजक समिति