फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: स्वास्थ्य विभाग के चार प्रोजेक्ट अधूरे ब्लड बैंक भी अब तक नहीं हुआ शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले के छह लाख लोगों को राहत देने के लिए तैयार की गई स्वास्थ्य विभाग की चार योजनाएं अब तक धरातल पर परवान नहीं चढ़ पाई हैं। इनके चलते स्वास्थ्य सेवाएं पटरी हैं और लोग परेशानियां झेलने को विवश हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी जिलावासियों को विभाग सीटी स्कैन एवं एमआरआई, ब्लड बैंक और बाल-शिशु नर्सरी की सुविधा मुहैया नहीं करवा पाया है। वहीं, उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनाने की योजना में भी जगह का रोड़ा अटका हुआ है।
विज्ञापन

जानिये....किस परियोजना में कहां तक हुआ काम, क्या अधूरा
प्रोजेक्ट:1- जगह मिलने की प्रक्रिया दो साल कागजों में अटकी
जिले के 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनने हैं। इसके लिए विभाग को इन 25 गांवों में आधा एकड़ जमीन चाहिए। करीब दो साल से यह कार्य कागजी प्रक्रिया तक सीमित है। इस समय उप स्वास्थ्य केंद्र भवन जर्जर होने से स्टाफ को घरों में बैठकर ओपीडी देखनी पड़ रही हैं। 25 गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन बनने से डेढ़ लाख लोगों को फायदा होगा। 50 से 55 लाख खर्च कर एक उप स्वास्थ्य केंद्र भवन बनाया जाना है।
प्रोजेक्ट:2- सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा भी नहीं
जिले के लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा भी दी जानी है। इसके लिए मातृ-शिशु अस्पताल का चयन किया गया है। लंबा समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन सेवाओं को शुरू नहीं कर पाया है। दूसरी ओर मरीज इसके चलते रोहतक पीजीआई और भिवानी सिविल अस्पताल के चक्कर काटने को विवश हैं। प्रतिमाह करीब 200 से अधिक मरीज दूसरे अस्पतालों में भेजने पड़ते हैं।
विज्ञापन

प्रोजेक्ट:3- ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए अब तक नहीं किया आवेदन
रक्तदान करने में प्रदेश में चरखी दादरी जिला नंबर एक पर है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने चार साल पहले यहां 500 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार की थी। इसके अनुसार ढांचा तो तैयार हो चुका है, लेकिन राज्य स्तर पर ब्लड बैंक खोलने की अनुमति फिलहाल नहीं मिली है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी ब्लड बैंक के लिए आवेदन किया जाना और विशेषज्ञ की ट्रेनिंग करवाना शेष है।
प्रोजेक्ट:4- अब तक बाल-शिशु नर्सरी की भी नहीं मिली सुविधा
स्वास्थ्य विभाग की मातृ-शिशु अस्पताल में बाल-शिशु नर्सरी शुरू करने की योजना भी लंबा समय बीतने के बाद भी परवान नहीं चढ़ पाई है। इसके लिए विभाग को डेढ़ करोड़ का बजट सरकार से मिल चुका है और स्वास्थ्य विभाग यह बजट पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर चुका है। अधिकारियों के अनुसार पीडब्ल्यूडी विभाग को अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर धरातल पर काम शुरू करवाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारी लगातार संपर्क में हैं।

इन चारों परियोजनाओं की सौगात जल्द ही जिलावासियों को मिल जाएगी। इनका सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार लगातार फॉलोअप ले रहे हैं। प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी जिला स्तरीय मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मुहैया करवा दी जाएं।
विज्ञापन

-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें