शिकायतकर्ता राहुल के पैर में बंधा प्लास्टर।
- फोटो : CharkhiDadri
सात फरवरी को रोहतक एसटीएफ की गोली लगने से दम तोड़ने वाले बिंदर के ताऊ के बेटे को थाने लाकर टॉर्चर करने के आरोप में एसपी विनोद कुमार ने सिटी एसएचओ समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, दो एसपीओ को बर्खास्त किया गया है। एसपी ने सिटी एसएचओ वीर सिंह की विभागीय जांच करने का भी आदेश दे दिया है। एसपी को 14 मार्च को शिकायत सौंपने के बाद पीड़ित पक्ष ने 18 मार्च को ही लोकायुक्त, राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण, सीएम विंडो, डीजीपी और मानवाधिकारी को शिकायत भेजी थी।
19 मार्च को एसपी विनोद कुमार ने सिटी थाना प्रभारी वीर सिंह, एएसआई भीम सिंह, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, सिपाही संजय को निलंबित कर दिया। वहीं, एसपीओ रणधीर और अनिल को बर्खास्त किया गया है। इससे पहले मृतक बिंदर के भाई राहुल ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि गत 13 मार्च को रात करीब नौ बजे वह रोज गार्डन के सामने वीटा बूथ पर खड़ा था। इसी दौरान पुलिस टीम वहां पहुंची और उसे पीसीआर में डालकर थाने ले गई। वहां बिंदर हत्याकांड में समझौता न होने देने की बात कहकर उसकी पिटाई की, जिसमें उसके शरीर के कई हिस्सों पर चोटें लगीं और पैर में फ्रेक्चर हो गया। राहुल ने बताया कि जब उसने टॉर्चर करने वाले पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज करवाने की बात कही, तो उससे जबरन कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए गए। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सिटी थाना प्रभारी वीर सिंह की विभागीय जांच करने का आदेश भी दिया गया है।
भिवानी क्राइम ब्रांच कर रही बिंदर हत्याकांड की जांच
गत सात फरवरी को बदमाशों का पीछा करते हुए दादरी पहुंची रोहतक एसटीएफ की गोली लगने से वार्ड-10 निवासी बिंदर की मौत हो गई थी। इस मामले में एसटीएफ सिपाही हरेंद्र को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी अन्य तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इस मामले की जांच फिलहाल भिवानी क्राइम ब्रांच कर रही है।