बिटकॉइन हथियाने के लिए करीब डेढ़ माह पूर्व महेंद्रगढ़ के गांव गुढा निवासी युवक का गन प्वाइंट पर अपहरण करने के चार आरोपियों को दादरी सीआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी चरखी दादरी और दो आरोपी रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले हैं। चारों आरोपियों को पुलिस ने सोमवार दोपहर कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है। उनके तीन साथी अभी फरार है।
डीएसपी शमशेर सिंह दहिया ने बताया कि गत 14 जनवरी को चरखी दादरी सदर थाने में अपहरण, मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महेंद्रगढ़ जिले के गांव गुढा का रहने वाला है। उसने बताया था कि वह गांव से अपने दोस्त की कार लेकर हिसार जा रहा था। चरखी गांव के अड्डे के समीप स्कोर्पियो में सवार होकर आए युवकों ने उसका गन प्वाइंट पर अपहरण कर लिया। बाद में आरोपियों ने उससे मारपीट की और जेब से साढ़े चार हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद आरोपियों ने उसे सतनाली के समीप छोड़ दिया। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात युवकों पर आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
डीएसपी शमशेर सिंह ने बताया कि सीआईए टीम इंचार्ज दिलबाग ने इस मामले के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि तीन अभी फरार हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वार्ड-19 निवासी दीपेंद्र, रेवाड़ी के मंदौला गांव निवासी अरविंद, दादरी के मौड़ी गांव निवासी विनोद व महेंद्रगढ़ के सुरानी गांव निवासी सचिन के रूप में हुई है। चारों आरोपियों को महेंद्रगढ़ और दादरी जिले से गिरफ्तार किया गया। डीएसपी शमशेर सिंह ने बताया कि चारों आरोपी चरखी गांव के समीप से किए गए अपहरण में शामिल हैं और इनमें से तीन आरोपियों पर पहले भी केस दर्ज है। उन्होंने बताया कि मौड़ी निवासी विनोद पर पहले कोई केस दर्ज नहीं है।
2017 में भी दर्ज हुआ था ऐसा ही मामला: डीएसपी शमशेर सिंह दहिया ने बताया कि दीपेंद्र पर 2017 में कनीना थाने में अपहरण और मारपीट करने का मामला दर्ज हुआ था और यह अभी अंडर कोर्ट ट्रायल है। सूत्रों के अनुसार 2017 में करीब 43 बीटकॉइन ट्रांसफर कराए गए थे जिनकी कीमत उस समय पचास लाख से अधिक थी। इस मामले में महेंद्रगढ़ जिला पुलिस दीपेंद्र को पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है।
40 क्विंटल चूरा पोस्त सहित पकड़ा जा चुका है अरविंद : सीआईए ने रेवाड़ी के मंदौला गांव निवासी अरविंद को भी गिरफ्तार किया है। डीएसपी शमशेर सिंह ने बताया कि अरविंद पर रेवाड़ी में एनडीपीएस का केस दर्ज हुआ था। उसके पास से 49 क्विंटल चूरा पोस्त मिला था। इस मामले में उसे दस साल की सजा सुनाई गई थी जिसमें से चार साल की सजा वह काट चुका है और हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आया हुआ था।
माधो सिंह की कार में लगाई थी जीपीएस चिप : सूत्रों के अनुसार आरोपी कई दिनों से गुढ़ा निवासी माधो सिंह की रैकी कर रहे थे। इतना ही नहीं वारदात को जिस दिन अंजाम दिया गया उससे पहले माधो सिंह की कार की लोकेशन का पता लगाने के लिए जीपीएस चिप भी लगाई थी। 2017 में भी गुढा निवासी व्यक्ति को निशाना बनाया गया था। माधो सिंह भी उसके गांव का रहने वाला है।
क्या है बिटकॉइन
पुलिस सूत्रों के अनुसार बिटकॉइन एक ऑनलाइन करेंसी है। कई देशों में इसे कानूनी मान्यता है जबकि भारत में यह गैरकानूनी है। इस समय एक बीटकॉइन का रेट सात लाख रुपये है। आरोपी बिटकॉइन रखने वालों को अपना निशाना बनाते थे।
गन प्वाइंट पर गुढा निवासी माधो सिंह का अपहरण करने और नगदी छीनने के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। उनमें से तीन पर पहले भी मामले दर्ज हैं। आरोपियों के तीन साथी फरार हैं और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -शमशेर सिंह दहिया, डीएसपी।