चरखी दादरी। शहर की पुरानी सब्जी मंडी के पीछे स्थित रेलवे रोड से मेन बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों भीषण जलभराव और गंदगी की चपेट में है। पिछले पांच दिनों से सीवर का मैनहोल ओवरफ्लो होने के कारण सड़कों पर गंदा और बदबूदार पानी जमा हो गया है जिससे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। यहां से गुजरने वाले आम राहगीर को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या के बारे में कई बार अवगत करवाया गया है लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
हजारों लोगों का होता है आवागमन
शहर की पुरानी सब्जी मंडी के पीछे का क्षेत्र व्यावसायिक केंद्र है जहां दिनभर भारी संख्या में ग्राहकों और व्यापारियों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन पिछले पांच दिनों से सड़क के बीच सीवर मैनहोल का दूषित पानी जमा होने से ग्राहकों ने दुकानों में आना लगभग बंद कर दिया है। स्थानीय दुकानदार जयभगवान मस्ताना, संजू स्वामी, सुभाष कुमार, लक्ष्मण स्वामी, श्रीभगवान बंसल, मनोज कुमार, वीरभान आदि का कहना है कि जलभराव के कारण उनकी बिक्री पर सीधा असर पड़ा है।
बाजार में फैली दुर्गंध
दुकानदारों का कहना है कि दुकान के सामने फैली गंदगी और उससे उठ रही असहनीय दुर्गंध के बीच बैठकर काम करना काफी मुश्किल बना हुआ है। वहीं सड़क पर जमा दूषित पानी न केवल पैदल चलने वालों के लिए बाधा बना हुआ है बल्कि यह बीमारियों को भी न्योता दे रहा है। राहगीरों को मजबूरन इस गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है जिससे उनके कपड़े खराब होने के साथ-साथ संक्रमण का डर भी बना रहता है।
शिकायत के बाद भी समाधान नहीं
बच्चों और बुजुर्गों के लिए यहां से निकलना एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिसलन भरी सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इस समस्या के बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से सीवर लाइनों की सफाई करवाने की मांग की है ताकि लोगोंं को राहत की सांस मिल सके।
वर्सन:
पंपिंग में तकनीकी खराबी आने के कारण सीवर लाइन के पानी का उठान नहीं हो रहा था लेकिन अब इसे ठीक करवा दिया है। शनिवार सुबह समस्या का स्थायी समाधान करवा दिया जाएंगा। इसके बाद सड़क पर सीवरेज का पानी नहीं नजर आएगा। - मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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