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Charkhi Dadri News: बारिश से भीगे बाजरे में उठने लगी दुर्गंध, खरीद पर लगा ब्रेक

Sat, 17 Oct 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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नई अनाज मंडी भीगा बाजरा।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर में वीरवार को बारिश के कारण मंडियों में 20 हजार क्विंटल से ज्यादा बाजरा भीग गया है। खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल को सुखाने के लिए शुक्रवार को कोई विशेष प्रबंध दिखाई नहीं दिए गए, ऐसे में तीन दिन से भीगी फसल के चलते बाजरे से हल्की दुर्गंध उठने लगी है। बारिश के बाद फसल में नमी बढ़ने से खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। बाजरा लेकर मंडियों में पहुंचने वाले किसानों की संख्या में भी कमी आई है।
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दूसरी ओर नई अनाज मंडी में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिले की मंडियों में 4 लाख 17 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है व 1 लाख 86 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हुई है।

किसी को नोटिस नहीं किया जारी
बुधवार शाम को हुई हल्की बारिश के बाद वीरवार को जिले में करीब 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे नई अनाज मंडी सहित विभिन्न मंडियों में खुले में रखी फसल भीग गई। बारिश के चलते मंडियों में बाजरे की बोरियों और खुले में पड़े अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। शुक्रवार को भीगे बाजरे को सुखाने के लिए विशेष इंतजाम नहीं दिखाई दिए। मार्केट कमेटी की ओर से इस मामले में किसी किसान या आढ़ती को नोटिस जारी नहीं किया गया है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें किसी किसान या आढ़ती से फसल भीगने या खराब होने की शिकायत नहीं मिली।
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नमी के कारण खरीद प्रभावित
बारिश के बाद बाजरे में नमी बढ़ने का असर खरीद पर भी पड़ा है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार फसल की खरीद नहीं हो पाने के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके चलते मंडियों में बाजरा लेकर आने वाले किसानों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई। किसानों और आढ़तियों के सामने अब भीगी हुई फसल को सुरक्षित रखने और उसे सुखाने की चुनौती है। यदि मौसम साफ रहने के बावजूद फसल को सुखाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हुए तो अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।

आयुक्त के निर्देश पर 12 घंटे से पहले निकाला पानी
नई अनाज मंडी में जलभराव की समस्या सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। वीरवार को हुई 20 एमएम बारिश के बाद मंडी के मुख्य गेट के सामने और अन्य स्थानों पर पानी जमा हो गया था। इसी दौरान जिले के प्रशासनिक सचिव एवं सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा खनन विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग ने मंडी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मंडी सचिव को तत्काल पानी निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्देशों की पालना करते हुए मार्केट कमेटी की ओर से मोटर लगाकर पानी निकासी करवाई गई। अधिकारियों के अनुसार, 12 घंटे से भी कम समय में मंडी से पानी निकाल दिया गया।

चार करोड़ रुपये से बनेगा डिस्पोजल सिस्टम
आयुक्त के निर्देशों के बाद मार्केट कमेटी और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, नई अनाज मंडी में डिस्पोजल सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तहत पानी की निकासी के लिए अलग लाइन डाली जाएगी, जिसके माध्यम से बारिश का पानी डिस्पोजल तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पंप की सहायता से पानी को सड़क पर बनी निकासी लाइन में डाला जाएगा। इस पूरी व्यवस्था पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

वर्सन:
मंडी के अधिकारियाें ने पूरी मंडी का निरीक्षण किया है। मंडी में गेहूं भीगने या खराब होने की किसी भी आढ़ती या किसान से शिकायत नहीं मिली है। ऐसे में किसी को नोटिस नहीं दिया गया है। - चतुरभूज, मंडी सुपरवाइजर, नई अनाज मंडी दादरी।
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