पिछले पांच दिनों से बंद पड़ी एसटीपी की मोटर जनस्वास्थ्य विभाग ने बुधवार सुबह चलवा दी। करीब आठ घंटे मोटर चली और दोपहर दो बजे एसटीपी पर पहुंचकर समसपुर के किसानों ने मोटर बंद करवा दी। किसानों के मोटर चलाने देने पर शाम को डीसी धर्मबीर सिंह एसटीपी पर पहुंचे। उन्होंने करीब 70 मिनट तक वहां निरीक्षण किया और अगले चौबीस घंटे के अंदर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एसटीपी टैंकों पर मिट्टी से भरे कट्टे रखवाने के आदेश दिए। डीसी से मुलाकात करने पहुंचे किसानों ने कहा कि समस्या का समाधान होने तक डीसी साहब हम मोटर नहीं चलाने देंगे।
बता दें कि मुख्य लाइन में खराबी के चलते रामनगर एसटीपी पिछले करीब छह माह से ठप पड़ा है। यहां रखी 30 और 60 हॉर्स पॉवर की मोटरें शो-पीस बनी हुई हैं। मुख्य 36 इंची सीवर लाइन आठ जगह से डैमेज है। इस एसटीपी से शहर के वार्ड, चार, 10, 12 और 14 जुड़े हुए हैं। इन चारों वार्डों में सीवर व्यवस्था चरमराई हुई है। सीवर लाइनों से दूषित पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में मकानों के बाहर भरा हुआ है। वहीं, समसपुर एसटीपी के वाटर स्टोरेज टैंक ओवरफ्लो होने से खेतों में दूषित पानी पहुंच रहा है। इसके चलते समसपुर के किसानों ने एसटीपी पर धरना शुरू कर दिया था और वहां तैनात कर्मचारियों को मोटरें भी नहीं चलाने दी थी। चार दिन लगातार धरना देने के बाद किसान मंगलवार को सांसद धर्मबीर सिंह से मिले थे। सांसद ने उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था।
बुधवार सुबह करीब चार बजे एसटीपी के ऑपरेटर ने सुबह चार बजे 60 हॉर्स पावर की मोटर चला दी। मोटर करीब दोपहर दो बजे तक चली। हालांकि बीच में बिजली कटों के चलते करीब एक घंटा मोटर बंद रही। सात घंटे मोटर चलन से शहर की सीवर लाइनों से 35 लाख लीटर पानी का उठान किया गया। दोपहर दो बजे समसपुर के ग्रामीण एसटीपी पर पहुंच गए और उन्होंने मोटर बंद करवा दी। इसकी जानकारी मिलने के बाद शाम 4:40 पर डीसी धर्मबीर सिंह एसटीपी पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद एक्सईएन विजेंद्र हुड्डा और जेई मनोज रोहिल्ला से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को वीरवार तक बांध के तौर पर टैंकों कट्टे रखवाने के आदेश दिए।
टैंकों और खेतों का जायजा लेने के बाद किसानों से मिले डीसी
शाम 4:40 पर समसपुर एसटीपी पहुंचे डीसी धर्मबीर सिंह ने पहले खेतों में एसटीपी का दूषित पानी पहुंचने से बनी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने एसटीपी के टैंकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद डीसी किसानों से मिले और उन्हें जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। किसानों को डीसी ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग को समस्या के समाधान के आदेश दे दिए गए हैं।
थाने तक पहुंच चुका है एसटीपी विवाद
समसपुर एसटीपी से शहर के 17 वार्ड जुड़े हुए हैं। किसानों के धरना देने और मोटर न चलाने देने पर जनस्वास्थ्य विभाग के जेई मनोज रोहिल्ला ने सदर थाने में शिकायत दे दी थी। वहीं, किसानों ने खेतों में हुए जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का जिम्मेदार जनस्वास्थ्य विभाग को मानते हुए अपनी शिकायत भी पुलिस को दे दी थी। मंगलवार को एक्सईएन विजेंद्र हुड्डा ने एसटीपी का निरीक्षण किया था।
30 हॉर्स पावर की एक मोटर हुई खराब
समसपुर एसटीपी पर सीवर लाइनों से दूषित पानी का उठान करने के लिए चार मोटरें रखी हुई हैं। दो मोटरें 30 तो दो 60 हॉर्स पावर की है। बुधवार सुबह ऑपरेटर जब 30 हॉर्स पावर की मोटर चलाने लगा तो वो खराब मिली। इसके तुरंत बाद 60 हॉर्स पावर की मोटर चलाकर सीवर लाइनों से दूषित पानी का उठान शुरू कर दिया गया। मोटर में आई खराबी दूर करने के प्रयास विभाग ने शुरू कर दिए हैं।
चरखी दादरी के डीसी धर्मबीर सिंह ने बताया कि मैंने एसटीपी का निरीक्षण कर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समाधान के आदेश दे दिए हैं। किसानों की समस्या का स्थायी समाधान करवाया जाएगा। मैंने किसानों से एसटीपी की मोटर चलाने देने की अपील की है, ताकि शहरवासियों को सीवर संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
इधर, जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विजेंद्र हुड्डा ने बताया कि मिट्टी डलवाने और टैंकों की गहराई बढ़ाने का कार्य एजेंसी से कराया जाएगा। जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। डीसी साहब के आदेशों पर हम जल्द काम शुरू कर देंगे।