चरखी दादरी। जिले को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने चार खंडक्षेत्र में 1,200 वन मित्र बनाए हैं। चयनित वन मित्र अपने अपने क्षेत्र में पौधरोपण कर जिले को हरा-भरा बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भूमि पर पौधरोपण से पहले वन मित्रों को संबंधित पंचायत, ट्रस्ट के सक्षम व्यक्ति से अनुमति पत्र लेना होगा। जिले के सभी वन मित्र शनिवार तक एकसाथ पौधरोपण शुरू कर देंगे। वन विभाग ने वन मित्रों का पौधरोपण के लिए मेहनताना भी तय किया है जो कार्य की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर दिया जाएगा।
इन वन मित्रों को पौधरोपण संबंधी सभी जानकारियां वन विभाग के कर्मचारी देंगे। इसके साथ ही वन विभाग इन्हें गड्ढों की संख्या के आधार पर पौधे भी उपलब्ध करवाएगा। विभाग गड्ढे खोदने, पौधरोपण करने और रक्षा के लिए तय मेहनताना देगा ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके और जिले की हरियाली भी बढ़ाई जा सके।
जिले में सबसे अधिक 534 वन मित्र बाढड़ा खंड में हैं। झोझूकलां खंड में 300 वन मित्रों की तैनाती की गई। तीसरे पायदान पर दादरी 234 और 132 वनमित्र वाला सांजरवास क्षेत्र चौथे पायदान पर है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक हर वन मित्र अधिकतम एक हजार पौधे लगा सकता है। हालांकि उनका न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित नहीं है। ये काम उन्हें स्वेच्छा से करना है। पौधरोपण में वन मित्रों की रुचि बनाए रखने के लिए मेहनताने का प्रावधान किया गया है।
- यूं मिलेगा वन मित्रों को मेहनताना
वन विभाग ने पौधरोपण कार्य अनुसार मेहनताना तय किया है। वन मित्रों को 60 सेंटीमीटर का गड्ढा खोदने के 20 रुपये, पौध लगाने के लिए 30 रुपये और आगे रखरखाव के लिए प्रति पौध के हिसाब से 10 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। वन विभाग वन मित्रों को पौधे नर्सरी से स्वयं उपलब्ध करवाएगा।
इस योजना का मकसद जिले को हरा-भरा बनाना है। हमने जिले में वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आय के आधार पर वन मित्रों का चयन किया है। चयनित वन मित्र अपने अपने क्षेत्रों से अनुमति पत्र लेकर पौधे रोप सकते हैं। इसके लिए विभाग उन्हें प्रति पौध मेहनताना देगा। जल्द ही ये वन मित्र काम शुरू देंगे। - हेमंत पारिक, जिला वन रेंज अधिकारी, चरखी दादरी।