दादरी के खेत में खड़ी सरसों की फसल।
चरखी दादरी। क्षेत्र में आने वाले दिनों में गर्मी का अहसास होने लगेगा। मार्च महीने में मौसम में उलटफेर देखने को मिलेगा। मार्च में पांच से छह पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। प्रत्येक सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इनमें तीन पश्चिमी विक्षोभ के दौरान तेज गति से हवाएं चलेंगी और हल्की बारिश एवं बूंदाबांदी होने की संभावनाएं बन रही हैं। इसकी वजह से मौसम में बदलाव और तापमान में उतार- चढ़ाव देखने को मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मार्च के पहले सप्ताह से ही तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आठ व नौ मार्च को सक्रिय पश्चिमी मौसम प्रणाली से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी जबकि दूसरे पखवाड़े में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इस दौरान दिन का तापमान सामान्य से अधिक जबकि रात्रि तापमान सामान्य एवं इससे नीचे बना रहेगा। मार्च महीने में पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से अधिक जबकि उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में सामान्य व इससे कम बारिश होने की संभावना है।
वहीं, किसानों का मानना है कि इस समय रबी की फसलों में खराब मौसम से नुकसान होने की ज्यादा संभावनाएं हैं क्योंकि सरसों की फसल तो पककर तैयार हो चुकी है। तेज हवाएं चलने एवं बारिश होने पर इसमें नुकसान हो सकता है। इसी प्रकार तेज गति से हवाएं चलने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ सकती है जिससे नुकसान संभव है। किसान श्रीभगवान, कृष्ण कुमार, बलबीर सिंह का कहना है कि अब तो फसल कटाई एवं कढ़ाई तक मौसम साफ रहने में ही फायदा है। सरसों में सिंचाई की जरूरत नहीं है। गेहूं की फसल में अंतिम सिंचाई की जा रही है। जिले में एक लाख 60 हजार एकड़ में सरसों व एक लाख 50 हजार एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी है।
इस संबंध में कृषि विभाग के एसडीओ कृष्ण कुमार का कहना है कि सरसों का पकाव हो चुका है। गेहूं पकाव की अवस्था में पहुंच चुकी है। इस बार खेती बढि़या है। अगर मौसम अनुकूल बना रहा तो बंपर पैदावार हो सकती है।