चरखी दादरी। उपायुक्त मनदीप कौर ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न विभागों में नियुक्त अधिकारियों के साथ मासिक बैठक की। इसमें उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मनदीप कौर ने कहा कि पंचायत विभाग सभी ब्लॉक के पांच-पांच गांवों को स्वच्छता में मॉडल गांव की तरह तैयार करने का कार्य करें। इसके लिए गांव के युवाओं व नागरिकों को जागरूक किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग मासिक बैठक के दौरान प्रत्येक योजना की जानकारी एवं प्रगति रिपोर्ट साथ लेकर आएं और पूर्ण जानकारी के साथ अपना पक्ष रखें। अगर बिना योजना की जानकारी के कोई आता है तो भविष्य में उनके विभाग की योजना पर कार्यवाही नहीं की जाएगी।
उन्होंने एक-एक करके सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट ली। मासिक बैठक के लिए उपायुक्त ने स्वयं लगभग 60 बिंदुओं का एक एजेंडा बनाया, जिसमें प्रत्येक विभाग द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट का ब्योरा शामिल किया गया। इन सभी बिंदुओं पर विभागों को हर मासिक बैठक में रिपोर्ट देनी होगी। उपायुक्त ने बैठक में कहा कि एजेंडा के बिंदुओं के अलावा भी विभागों की कई अन्य योजनाएं हैं, जिनसे संबंधित रिपोर्ट पर विचार विमर्श जरूरी है ताकि उनको लेकर अगर कोई रुकावट हो तो उस पर कार्यवाही की जा सके।
उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग सभी ब्लॉक के पांच-पांच गांवों को स्वच्छता में मॉडल गांव की तरह तैयार करने के लिए ग्रामीणों में सफाई के प्रति जुनून पैदा करें। इसके लिए जरूरी है कि सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अपने-अपने ब्लॉक के पांच-पांच गांवों को एक साथ गंदगी से मुक्त बनाने का प्रयास करें। साथ ही अमृत सरोवर योजना में लिए गए तालाबों का कार्य निर्धारित समय में पूरा करवाएं। नहरों में पानी आने के दौरान जिले के सभी तालाबों को भरना सुनिश्चित किया जाए।
इन परियोजनाओं व योजनाओं की भी ली अपडेट
उपायुक्त ने सॉलिड वेस्ट मनैजमेंट, सीएम विंडो, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग-हरेड़ा, कॉमन सर्विस सेंटर पर दी जा रही सुविधाओं, परिवार पहचान पत्र के कार्य में जाति व आय की वेरिफिकेशन के सत्यापन का कार्य, डी-प्लान आदि अनेक योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग-हरेड़ा द्वारा खेतों में स्थापित किए जाने वाले सोलर पावर सेट के बारे में किसानों को जागरूक करें।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनवाएं स्वयं सहायता समूह
उपायुक्त ने कहा कि जिला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जरूरतमंद महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनवाए जाएं और उनके ऐसे कार्य शुरू करवाए जाएं, जिससे उनकी आमदनी बढ़े। जिला में हथकरघा के छोटे उद्योगों के साथ-साथ गाय, भैंस, बकरी का दूध बेचने व दूध के उत्पाद बनाने, बाजरा के बिस्कुट व अचार आदि बनाने की अपार संभावनाएं हैं। इनके लिए महिलाओं को जागरूक किया जाए। महिलाओं के स्वरोजगार से संबंधित ऐसे कार्य शुरू करवाएं जाएं ताकि अपना जिला एक उदाहरण बन सके।