होली पर रंग मार्केट पिछले दो दिनों में गुलजार हुई है। जिलेभर में शनिवार और रविवार को करीब पांच हजार पिचकारी और दो क्विंटल गुलाल की बिक्री हुई है। अधिकतर सामान दुकानदार दिल्ली से लेकर आए हैं। एक दुकानदार को एक दिन में सात से आठ हजार का फायदा हुआ है। जिले में रंगों की करीब 150 स्टालें लगी हैं।
शहर में बस स्टैंड से लेकर पुरानी अनाज मंडी तक रंगों की 20 से अधिक स्टालें सजी हैं। ज्यादातर दुकानदार गुलाल, पिचकारियां और अन्य सामान दिल्ली से लेकर आए हैं। 26 को भारत बंद के चलते रंग मार्केट बेरंग रही और शनिवार और रविवार को मार्केट में ग्राहक नजर आए। रंगों की स्टाल लगाने वाले एक शख्स ने बताया कि दो दिन में उसने 400 पिचकारियां और 20 किलोग्राम गुलाल बेचा है। इस लिहाज से 150 रंगों की स्टालों पर दो दिन में पांच हजार पिचकारियां और तीन क्विंटल गुलाल बिका है। हालांकि फाग पर भी गुलाल की खरीदारी होने की उम्मीद है। सोमवार को फाग पर रंग मार्केट का कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है। इस बार बाजार में 20 रुपये लेकर 500 रुपये तक की पिचकारी उपलब्ध है। हालांकि बच्चों की पहली पसंद डोरेमोन और स्प्रे टंकी वाली पिचकारी बनी हुई है।
छह रंगों का गुलाल बाजार में उपलब्ध, केमिकल भी नहीं
मार्केट में छह रंगों के गुलाल उपलब्ध हैं। एक दुकानदार ने बताया कि मार्केट में लाल, हरा, नीला, गुलाबी, पीला, केसरिया और आसमानी रंग का गुुलाल मौजूद है। सबसे अधिक बिक्री लाल और हरे रंग के गुलाल की हो रही है। गुलाल 150 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। खास बात यह है कि गुलाल बनाने में केमिकल का प्रयोग नहीं किया गया है और यह त्वचा को भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
दो दिन से चमका कारोबार, उम्मीद से फिर भी मंदा
- शनिवार और रविवार को ही मार्केट में ग्राहक नजर आए हैं। एक दिन में 12 से 15 हजार रुपये का कारोबार हुआ है। उम्मीद इससे अधिक की थी, लेकिन कारोबार इस बार मंदा रहा।
आजाद, रंग विक्रेता
हम ज्यादातर माल दिल्ली से लेकर आए हैं। स्प्रे टंकी और डोरेमोन की पिचकारी की मांग सबसे अधिक है। 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारी बाजार में उपलब्ध हैं।
सुनील, पिचकारी विक्रेता