चरखी दादरी। सीजन की पहली धुंध सोमवार को देखने को मिली। घना कोहरा छाने के चलते सुबह साढ़े 8 बजे तक दृश्यता 10 मीटर से भी कम आंकी गई। इसके चलते सड़कों पर वाहन रेंगकर चले और सुबह के समय विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसें निर्धारित समय से देरी से पहुंची। कोहरे का असर रेलमार्ग पर भी देखने को मिला और ट्रेनें भी पांच से 10 मिनट लेट रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अब कोहरे का प्रकोप लगातार देखने को मिलेगा।
सोमवार की बात करे तो जिले में इस सीजन का पहला कोहरा छाया। इसका असर जनजीवन समेत स्वास्थ्य पर देखने को मिला। कोहरे के अलावा सुबह और शाम को शीत लहर चली, जिसने सर्दी की अहसास कराया। मौसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट का दौर जारी है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 23.1 और न्यूनतम 6.9 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं, सोमवार को कोहरा छाने और शीत लहर चलने से न्यूनतम तापमान में दशमलव 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया।
सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक घना कोहरा छाया रहा और करीब साढ़े 9 बजे तक कोहर छंट गया। हालांकि कोहरे का असर शहर से बाहरी क्षेत्र में ही देखने को मिला। कोहरे के चलते दादरी-दिल्ली, दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी-लोहारू और दादरी-महेंद्रगढ़ रोड पर वाहन रेंगकर चले। दृश्यता कम रहने से वाहन चालकों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। हालांकि गनीमत रही कि घना कोहरा छाने की वजह से कोई हादसा नहीं हुआ।
650 पार हुई सिविल अस्पताल की ओपीडी
सर्दी का असर सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह की बात करे तो सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी 30 फीसदी तक बढ़ी है। सोमवार को सिविल अस्पताल में 662 लोग उपचार कराने पहुंचे। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि सर्दी के मौसम में सामान्य बीमारियों समेत हृदय और श्वास रोगियों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन इन बीमारियों से ग्रस्त करीब 40 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
फसलों और सब्जियों के लिए संजीवनी है कोहरा
कृषि विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिहाग ने बताया कि कोहरा छाने से फसलों और सब्जियों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरसों और गेहूं की फसल के लिए कोहरा इस समय बेहद जरूरी है। इसका सीधे तौर पर फसल के पकाव और पैदावार पर असर पड़ेगा। कोहरा और ठंड छाने से फसलों में रोग का प्रकोप भी कम रहेगा।
पशुओं की करें देखभाल : डॉ. जसवंत
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. जसवंत जून ने बताया कि सर्दी के मौसम को देखते हुए पशुपालकों को मौसम के अनुरूप पशुओं की देखभाल करनी होगी और उनके आहार में सर्दी के मौसम के अनुरूप बदलाव भी करना होगा। इस तरह की देखरेख करके पशुओं से अधिक दूध उत्पादन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशु ही दूध उत्पाद कर सकता है, इसलिए सर्दी के मौसम में पशुओं के स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- पिछले एक सप्ताह में ये रही है तापमान की स्थिति
तारीख- अधिकतम तापमान- न्यूनतम तापमान
19 दिसंबर- 23.0 -6.1
18 दिसंबर- 23.1- 6.9
17 दिसंबर- 23.4- 6.5
16 दिसंबर- 23.0-6.7
15 दिसंबर- 23.4- 8.7
14 दिसंबर- 24.0-7.0
13 दिसंबर- 24.0-9.0