चरखी दादरी शहर के कोर्ट रोड स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय।
चरखी दादरी। जिले में बीडीपीओ, डीडीपीओ, एक्सईएन और जिला परिषद कार्यालय भवन निर्माण की फाइल डेढ़ साल से चंडीगढ़ मुख्यालय में अटकी है। इनको सरकार की स्वीकृति का इंतजार है जबकि जमीन के लिए ग्राम पंचायत ने सहमति दे रखी है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आचार संहिता हटने के बाद ही इस प्रोजेक्ट की फाइल पर काम होने की उम्मीद है।
जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। जिले में दादरी, बौंदकलां, झोझूकलां और बाढड़ा खंड हैं। एक दिसंबर 2016 को बने इस जिले में जिला परिषद का गठन भी हो चुका है। इसके बावजूद पंचायत विभाग के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर भवन की कमी बनी है। दादरी शहर में पंचायत विभाग के पास पर्याप्त भवन नहीं है। सीमित कमरों में ही कामकाज करना पड़ रहा है जबकि दादरी जिला बनने के बाद स्टाफ बढ़ा है और डीडीपीओ कार्यालय भी शुरू हुआ है। ऐसे में नये भवन की जरूरत है। पार्किंग आदि की सुविधा भी नहीं है जिससे वाहनों के खड़ा करने के लिए ज्यादा दिक्कत आती है।
यहां जिला परिषद कार्यालय का भवन बनवाने की प्रक्रिया चल रही है। करीब पांच एकड़ में प्रस्तावित नए भवन में ग्रामीण विकास के सभी कामकाज होने हैं। बीडीपीओ, डीडीपीओ, एक्सईएन पंचायतीराज आदि अन्य जिला स्तर के अधिकारी जिला परिषद भवन में ही बैठेंगे। एक ही छत के नीचे 167 ग्राम पंचायतों के कामकाज निपटाए जा सकेंगे।
- समसपुर में प्रस्तावित स्थल का किया जा चुका अवलोकन
विभाग अधिकारी गांव समसपुर में प्रस्तावित स्थल का अवलोकन कर चुके हैं। डेढ़ साल से विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है। वहां फाइल अटकी पड़ी है। यह भवन बनने के बाद जिले के पंचायत और जिला परिषद से संबंधित कामकाज यहीं से पूरे होंगे। भौगोलिक दृष्टि से भी गांव समसपुर में प्रस्तावित यह प्रस्ताव उपयुक्त है। दादरी-दिल्ली रोड पर होने के कारण आवागमन में भी सुविधा होगी। वहां पेयजल, बिजली आदि सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव की फाइल विभागीय मुख्यालय चंडीगढ़ भेजी गई है। सरकार से बजट की मंजूरी मिलते ही इस प्रस्ताव पर काम शुरू होने की उम्मीद है। - अजीत सिंह, जेई, पंचायती राज।