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भ्रूण लिंग जांच : 45 दिन से दलालों के पीछे थी टीम, दो दिन पहले किया था संपर्क

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भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम 45 दिन से लगी हुई थी। हालांकि डिकोय की मदद से गिरोह से जुड़े दलालों से दो दिन पहले ही संपर्क किया गया। 12 फरवरी को डिकोय तैयार कर भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए दलाल रवि के पास भेजा गया और उसने 13 फरवरी को झज्जर ले जाकर भ्रूण लिंग जांच करवाने की बात कही। तारीख तय होने के बाद दादरी सिटी थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को भी टीम में शामिल किया गया।
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टीम की अगुवाई डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र ने की, जबकि ड्रग्स इंस्पेक्टर हेमंत ग्रोवर भी टीम का हिस्सा रहे। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार सुबह आठ बजे ही स्वास्थ्य विभाग की टीम दलालों की बताई लोकेशन (बस स्टैंड के पास) पर पहुंच गई थी। करीब पांच घंटे इंतजार के बाद एक दलाल वहां पहुंचा और डिकोय व परिजनों के साथ उनकी गाड़ी में बैठकर झज्जर ले गया। टीम ने दादरी से ही उनका पीछा शुरू कर दिया था। शाम करीब पांच बजे भ्रूण लिंग जांच होते ही टीम ने इशारा पाकर श्वेता नर्सिंग होम पर दबिश दे दी और दलाल महेश को काबू कर लिया। हालांकि भ्रूण लिंग जांच करने वाला डॉ. दीपक वहां से फरार हो गया। इस मामले में दलाल रवि भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। झज्जर के श्वेता नर्सिंग होम पर पहले भी भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़ा जा चुका है।
पूरी कार्रवाई में टीम को लगे 12 घंटे
स्वास्थ्य विभाग की टीम को भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में 12 घंटे लगे। सुबह आठ बजे टीम बस स्टैंड के सामने और दोपहर करीब तीन बजे झज्जर पहुंची। वहां कार्रवाई पूरी कर टीम दादरी पहुंची और रात करीब आठ बजे पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई पूरी की गई।
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12 माह के बाद स्वास्थ्य विभाग को मिली कामयाबी
स्वास्थ्य विभाग ने करीब 12 माह बाद भ्रूण लिंग जांच करवाने वाला गिरोह पकड़ा है। इससे पहले जो रैकेट पकड़ा गया था, उसके तार झांसी तक जुड़े मिले थे। उस रैकेट में एक महिला भी शामिल थी, जो गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए अपने साथ ले जाती थी। महिला की दिल्ली के दलालों से जान पहचान थी।
जिले का लिंगानुपात गिरने पर डीसी ने दिए थे आदेश
दादरी जिले का लिंगानुपात इस साल गिरा है। इस समय जिले का लिंगानुपात 850 है। गत दो फरवरी को हुई वीसी में मुख्यमंत्री सुशासन कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले गिरोह पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके तुरंत बाद डीसी राजेश जोगपाल ने भी स्वास्थ्य विभाग को ऐसे गिरोह का पर्दाफाश करने के आदेश दिए थे।
80 हजार लेकर फरार हुआ दलाल रवि
डिकोय से दलालों ने भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए 85 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन सौदा 80 हजार में तय हुआ। शनिवार दोपहर दलाल महेश स्वास्थ्य विभाग के डिकोय को झज्जर ले जाने के लिए दादरी से रवाना हुआ, जबकि उसके साथी आदमपुर सरपंच प्रतिनिधि रवि ने डिकोय के परिचित से रोहतक रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने 80 हजार रुपये लिए। रवि रुपये लेकर वहां से चला गया है और वह अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
कोडवर्ड में दलाल को डॉक्टर ने बताई रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार भ्रूण लिंग जांच करने वाले चिकित्सक ने डिकोय के सामने रिपोर्ट स्पष्ट नहीं बताई। उसने कोडवर्ड में रिपोर्ट दलाल महेश को बताई। डिकोय से चिकित्सक ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच की रिपोर्ट महेश दादरी पहुंचने के बाद बता देगा।
मामले में दो गिरफ्तारियां होनी बाकी है। आरोपी से हम जल्द पूछताछ करेंगे। फिलहाल इस संबंध में तीन नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है।
- भीम सिंह, जांच अधिकारी एवं एएसआई, सिटी थाना
भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले गिरोह के पर्दाफाश के लिए हमारी टीम पिछले करीब डेढ़ माह से लगी हुई थी। दो दिन पहले डिकोय का दलालों से संपर्क हुआ। मामले की छानबीन अब पुलिस करेगी।
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- डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ
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