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Charkhi Dadri News: 13वें दिन भी नहीं पहुंची खाद, बैरंग लौटे किसानों ने जताया रोष

Tue, 22 Oct 2024 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जिले के किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी नहीं मिल रही है और इसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 13 दिनों से किसान दादरी शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पर पहुंच रहे हैं, लेकिन खेप न आने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। सोमवार को भी स्थिति ऐसी ही बनी रही।
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सोमवार को खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे किसानों को कर्मचारियों ने खाद न आने की बात कही यह सुनकर किसान तत्काल घर की तरफ वापसी कर गए। इससे पहले उन्होंने खाद किल्लत पर रोष जाहिर किया और प्रशासन व सरकार से समस्या का समाधान करने की मांग की।
बता दें जमीदारा सोसायटी कार्यालय में अंतिम बार 9 अक्तूबर को खाद का वितरण किया गया था। इसके बाद भी यहां खाद की खेप नहीं पहुंची है और वंचित किसान लगातार चक्कर काटने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि लगातार मौसम परिवर्तन होने के साथ ही सरसों और गेहूं की बिजाई का समय गुजरता जा रहा है। समय पर खाद नहीं मिलने से समय पर बिजाई करने से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से खाद की कमी दूर करवाने की मांग की है।
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अंतिम बार वितरित किए थे 5,500 बैग
पुरानी अनाज मंडी स्थित जमीदारा सोसायटी केंद्र के कर्मचारियों ने अंतिम बार 9 अक्तूबर को खाद के 5500 बैग वितरित किए थे। उस दौरान भी खाद की कमी बताकर प्रति किसान 3 बैग दिए गए थे। 9 अक्तूबर को करीब 180 किसान बिना खाद लिए वापस लौटे थे।


1.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होगी गेहूं और सरसों की बिजाई
जिले में इस बार 50 हजार किसान 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई करेंगे। वहीं, इस सीजन में सरसों का बिजाई रकबा 55 हजार हेक्टेयर तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में आधे से अधिक किसान अभी खाद लेने से वंचित हैं।

तीन हजार किसानों को मिले चुके 12,000 बैग
पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद बीज बिक्री केंद्र के कर्मचारियों का कहना है कि हमारे पास अभी तक केवल 12,000 बैग ही पहुंच पाए है। हमने लगभग तीन हजार किसानों को खाद खाद वितरित किए हैं। फिलहाल खाद के 20 हजार बैग की मांग मुख्यालय भेजी हुई है।


किसान बोले: कोर्ट की तरह मिल रही तारीख
गांव पातुवास निवासी किसान हवा सिंह, मौड़ी निवासी महीपाल, जसबीर व जयसिंह ने बताया कि खाद लेने के लिए पिछले 10 दिनों से लगातार सोसायटी केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार यहां के कर्मचारी खाद न आने का तर्क देकर अगले दिन आने की बात कहते हैं। किसानों का कहना है कि खाद के बैग के लिए किसानों को कोर्ट की तरह तारीख दी जा रही है।



गुजर रहा है बिजाई का समय, कतार में लगने को विवश
बिजाई का समय लगातार गुजर रहा है, लेकिन अभी तक खाद का एक भी बैग नहीं मिल पाया है। प्रतिदिन चक्कर काट रहा हूं, लेकिन नतीजा सिफर है।
जयसिंह, समसपुर
- कई बार खाद मिलने की सूचना के साथ ही खेत का कार्य अधर में छोड़ यहां आता हूं। बाद में पता चलता है कि खाद नहीं आई है। चक्कर काटकर परेशान हो चुका हूं।
जयबीर, सांवड़

हमारे पास खाद आने की सूचना केवल एक दिन पहले आती है। अभी हमारे पास खाद पहुंचने की कोई सूचना नहीं है। गांवों में बनाए गए अधिकतर पैक्स केंद्रों में खाद पहुंचाई गई थी। हमारे पास जब भी खाद आएगी हम किसानों में वितरित कर देंगे।
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राजेश कुमार, सहायक मनेजर, हैफेड
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