चरखी दादरी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 21वें दिन भी जारी रही। शहर में पिछले तीन दिनों से नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से कचरे का उठान करवाया जा रहा था लेकिन चौथे दिन उन्हें महिला सफाई कर्मचारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुराना डाकघर के सामने कचरा उठाने पहुंची नगर परिषद की टीम का दर्जनों महिला सफाई कर्मचारियों ने विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद की टीम पुलिस बल के साथ बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पुराना डाकघर के सामने से कचरा उठाने के लिए पहुंची थी। जैसे ही टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से कचरा उठाने का प्रयास शुरू किया वहां मौजूद दर्जनों महिला सफाई कर्मचारी ट्रैक्टर के सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने कचरा उठाने का विरोध करते हुए कर्मचारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया। महिला कर्मचारियों के विरोध के कारण मौके पर काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई।
इसके बाद ट्रॉली में रखे गए कचरे को सरदार झाड़ू सिंह चौक के पास खाली कराया गया। महिला सफाई कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगी। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से उनकी 17 सूत्री मांगों का समाधान करने की मांग की।
नप परिसर में एकत्रित हुए सफाई कर्मचारी
पुराना डाकघर के सामने विरोध के बाद बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर परिषद परिसर में एकत्रित हो गए। यहां सर्व कर्मचारी संघ की ओर से हड़ताली सफाई कर्मचारियों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की ओर से उपायुक्त की ओर से सीटीएए सुरेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से सफाई कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों को स्वीकार करने और उनका जल्द समाधान करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है लेकिन अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
21 दिन से जारी है हड़ताल
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दोपहर बाद हुई बारिश में कचरा भीगने से दूर तक दुर्गंध फैल गई। नगर परिषद की ओर से पिछले कुछ दिनों से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम अलग-अलग स्थानों से कचरा उठाकर शहर को साफ रखने का प्रयास कर रही है लेकिन हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के विरोध के कारण कई स्थानों पर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
सरकार से जल्द समाधान की मांग
सर्व कर्मचारी संघ प्रधान यशपाल सांगवान, विजय लांबा, राजकुमार घिकाड़ा, पार्षद जयसिंह लांबा, सतबीर सरोहा, रणधीर कुंगड़ और सफाई कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं का बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है और लंबे समय से काम करने वाले कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।