बाढड़ा किसान भवन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाकियू पदाधिकारी। संवाद
- बाढड़ा किसान भवन में सोमवार को आयोजित की गई रोष बैठक, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। रबी सीजन के ओलावृष्टि प्रभावित रकबे का किसानों को मुआवजा न जारी करने, नलकूप बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन न देने व बिजली दरों में वृद्धि करने पर किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। भाकियू ने सीएम नायब सिंह सैनी से इन लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की। मांगें पूरी न होने पर 17 जुलाई से बेमियादी धरना करने की चेतावनी दी है।
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा की अध्यक्षता में किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने रोष जताया। हरपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ हर मामले में सौतेला बर्ताव कर रही है। बिजली दरों में वृद्धि कर सरकार ने गलत फैसला लिया है, वहीं, किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं। सरकार की मनमानी नीतियां हैं।
हरपाल सिंह ने कहा कि किसान की मेहनत की कमाई को सरकार द्वारा डकारने नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2023, 2024 व मौजूदा वर्ष 2025 में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित रकबे का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। किसानों को लगभग 50 करोड़ की चपत लगी है। किसान सरकार की पूंजीपति व्यवस्था का विरोध करते हुए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैंं।
हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार अपने गलत फैसलों को जल्द वापस नहीं लेती है तो 17 जुलाई को राज्यस्तरीय पंचायत आयोजित कर सरकार के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा। बैठक में भाकियू महासचिव ओमप्रकाश उमरवास, नंबरदार एसोसिएशन जिलाध्यक्ष राजबीर सिंह, पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, सुधीर, जगबीर सिंह, अभय सिंह, राम अवतार, संदीप कारीमोद, आनंद वालिया, पूर्व सरपंच वेदप्रकाश, कमल सिंह हड़ौदी मौजूद रहे।